धनोल्टी(सुनील सजवाण) राज्य सरकार 13 जिलों में 13 पर्यटक स्थल बनाने की कवायद में है. टिहरी झील में हुई कैबिनेट बैठक में इसे पारित किया गया कि पूरे उत्तराखण्ड को पर्यटन का रुप देकर उभारा जाएगा. सरकार द्वारा भी विभिन्न पर्यटक स्थलों के विकास के लिए अनेक योजनाएं व करोड़ों रुपये पर्यटक स्थलो पर खर्च किए जा रहे है. लेकिन क्या उन पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों को सारी सुविधाए सरकार उपलब्ध करा पाएगी. ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पर्यटक स्थल धनोल्टी में पर्यटक खासा परेशान हैं. उन्हें अपने होटल के बिल को चुकाने तक के लिए पैसे नहीं है जिसके लिए उन्हे होटल के एक स्टाफ को साथ लेकर मसूरी या देहरादून जाना पड़ रहा है और तब जार होटल का बिल चुका पा रहे हैं.

जी हां उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक धनोल्टी में किसी भी बैंक का एटीएम नहीं है जिस कारण इसका सीधा प्रभाव धनोल्टी के पर्यटन व्यवसाय के साथ पर्यटकों पर भी पड़ रहा है. जंहा देश केश-लेस के तहत देश की आर्थिकी बदलने की बात कही जा रही वहीं दूसरी और देश का वह पर्यटक स्थल जंहा देश और विदेश के शैलानी धनोल्टी की सुरम्यवादियों में घूमने आते हैं.

न एटीएमन न केश औऱ ना नेटपर्क

मौजूदा समय में हर जगह पर एटीएम की सुविधा होने के कारण पर्यटक अपने पास ज्यादा केश लेकर नहीं चलता. लेकिन धनोल्टी में इन दिनों हालात बुरे हैं. जी हां धनोल्टी पहुंचने के बाद केश की किल्लत तो है ही साथ ही फोन नेटवर्क की भी दिक्कतें भी आम है. जिस कारण स्वाइप मशीन भी सही से कार्य नहीं करती है जिससे रात को धनोल्टी में ठहरने वाले पर्यटकों को वापस मसूरी या देहरादून का रूख करने को मजबूर हो जाते है और स्थानिय कारोबार पर इसका खासा असर देखने को मिलता है.

बिल चुकाने  के लिए करना पड़ रहा ऐसा काम

व्यापार मण्डल धनोल्टी के अध्यक्ष रघुवीर रमोला बताते है कि कई बार जो पर्यटक धनोल्टी में रात्री को होटल में रूकता है लेकिन सुबह को केश न होने के कारण ए टी एम के बारे में पूछता है लेकिन धनोल्टी में एटीएम न होने के कारण पर्यटक से बिल लेने के लिए होटल से किसी स्टाफ को पर्यटक के साथ मसूरी या देहरादून भेजना पड़ता है. वंहा से पैसे निकाल कर पर्यटक बिल का भुगतान करता है.

इस सम्बन्ध में स्थानिय व्यवसायियों ने कई बार लिखित और मौखिक रुप से शासन-प्रशासन सरकार व जनप्रतिनिधियो को सूचना दी हैं लेकिन कोई भी सकारात्मक कार्यवाही इस और नहीं हुई है. जबकी सरकार ने धनोल्टी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आस-पास के गांव में भी होमस्टे योजना की शुरूआत की हैं. किन्तु विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल होने के कारण सेलानियों की केश की सुविधा व धनोल्टी के पर्यटन व्यवसाय को देखते हुए पर्यटन की इस नगरी में एटीएम का होना आवश्यक है.



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