मसूरी: गर्मी की छुट्टियों हों औऱ कोई पहाड़ों की रानी मसूरी का रुख न करें…ऐसा भला कैसा हो सकता है…बच्चों की छुट्टियां पड़ी की पूरा परिवार मसूरी के पहाड़ों और मौसम का लुफ्त उठाने पहुंच पड़ते है…लेकिन कभी-कभी पर्यटकों की जाम के कारण खूब फजीहत भी होती है…जी हां पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर मसूरी में अक्सर लंबा जाम देखा जाता है जिससे पहाड़ों की रानी की सैर करने पहुंचे पर्यटकों की खूब फजीहत होती है…और इस जाम को खुलाने में पुलिस भी नाकामयाब साबित होती हैं.

मजा किरकिरा, कुछ लौटे वापस

जी हां चूनाखाल से लेकर कोल्हूखेत तक लगे पांच किलोमीटर लंबे जाम में सैकड़ों पर्यटक घंटों फंसे रहे। खासकर उन पर्यटकों के मसूरी घूमने का मजा किरकिरा हो गया, जो एक दिन की छुट्टी की प्लानिंग कर मसूरी पहुंचे थे, उन्हें बिना सैरसपाटे के मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।  वहीं, किंक्रेग से गाधी चौक और गाधी चौक से जीरो प्वाइंट से आगे देर शाम तक जाम की स्थिति रही। शहर में माल रोड पर भी जाम की स्थिति रही, जिसके चलते पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ी

लाइब्रेरी चौक और कुलड़ी बाजार में शाम के समय भीड़ बढ़ जाने से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। इससे पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कमोबेश मसूरी में पूरे दिन जाम की स्थिति रही और जगह-जगह सैकड़ों वाहन फंसे रहे। गाधी चौक पर पुलिस को यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए घंटों पसीना बहाना पड़ा। जाम में फंसे पर्यटक भूख-प्यास से बेहाल नजर आए। मसूरी इंस्पेक्टर भावना कैंथोला ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वाहनों को मसूरी से बाहर रोकने की प्लानिंग की जा रही है, ताकि शहर में लोगों को पैदल घूमने में दिक्कत न हो।

होटलों में लटके नो-रूम के बोर्ड

होटलों में लटके नो-रूम के बोर्ड मसूरी के अधिकांश होटल और लॉज शुक्रवार को फुल हो गए। जाम में फंसने के चलते पर्यटकों ने यहां ठहर कर अगले दिन घूमने-फिरने की सोची, मगर कमरे न मिलने की वजह से वह निराश हुए और वापस लौटना पड़ा।



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