• -पीड़िता को एक लाख रूपये का प्रतिकर 
रुद्रप्रयाग । शादी का झांसा देकर बलात्कार करने के आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी। न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए दोषी जितेन्द्र लाल को हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। राज्य की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सरकारी वकील केपी खन्ना ने करते हुए दोषी को कठोर से कठोर दण्ड देने की याचना अदालत से की।
दरअसल, ग्राम तैला तहसील जखोली कोतवाली रुद्रप्रयाग निवासी जितेन्द्र लाल पुत्र मकान लाल ने पीड़ित लड़की को पहले अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा। इसी बहाने आये दिन जितेन्द्र पीड़िता के साथ जोर जबरदस्ती कर बलात्कार करने लगा और जब एक दिन पीड़िता के गर्भ में जितेन्द्र लाल का बच्चा ठहर गया तो जितेन्द्र धीरे-धीरे पीड़िता से किनारे करने लगा और बाद में उसे अपनाने से इंकार करने लगा। पीड़िता इस बेवफाई से चिंतित हो गयी और 13 फरवरी 2016 को थाना रुद्रप्रयाग में शिकायत दर्ज करने जाने लगी तो जितेन्द्र लाल ने पीड़िता को बहलाया फुसलाया और उसे पुनः शादी का भरोसा दिलाया और यह कहकर वह उसी दिन पीड़िता को साथ लेकर अपने चाचा जो गुजरात गौधरा में रहता था, के यहां ले गया।
वहां पांच महीने तक जितेन्द्र ने उसके साथ बलात्कार किया और उसे ऐसी दवाई खिलाई, जिससे की पीड़िता के पेट में पल रहा भ्रूण गिर गया। फिर जब उसका मन पीड़िता से भर गया तो 15 जुलाई 2016 को गुजरात से अपने गांव तैला लाते हुए तीन धारा स्थान पर पीड़िता को बेहोश कर स्वयं गायब हो गया और जब पीडित्रता की आंख श्रीनगर में खुली तो उसके अपने आपको अकेला पाया। वह किसी तरह से जितेन्द्र के घर ग्राम तैला पहुंची तो उसके घर वालों ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया।
इस घटनाक्रम की रिपोर्ट पीड़िता ने 14 सितम्बर 2016 को कोतवाली रुद्रप्रयाग में पंजीकृत करायी। विद्धान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवायी कर अभियुक्त जितेन्द्र लाल को धारा 376 के तहत 60 हजार एवं धारा 313 में पचास हजार रूपये का अर्थदण्ड से दंडित कर सात साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई। विद्वान न्यायाधीश ने पीड़िता को उत्तराखण्ड अपराध से पीड़िता सहायता योजना के अन्तर्गत एक लाख रूपये का प्रतिकर लिा विविध सेवा प्राधिकरण से दिलवाने की संस्तुति भी की।



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