देहरादून- बीते दिनों पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के एसडीएम कमलेश मेहता का एक वीडियो खूब वायरल हुआ जिसमें एसडीएम की गुंडागर्दी साफ देखी जा सकती है. एसडीएम की जिम्मेदारी होती है कि जनता कि समस्याओं को सुनें औऱ उनका निवारण करें लेकिन ये एसडीएम तो लोगों की मांग को तो छो़ड़ो उनकी बात सुनने को राजी नहीं है औऱ शराब का ठेका खोलने की जिद्द पकड़े है साथ ही धमकी देने पर उतारु है. सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के लोगों का गु्स्सा है जो शांत होने का नाम नहीं ले रहा.

बदसलूकी पर 24 घंटे के भीतर एसडीएम तबादले की मांग

ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली. जिसके चलते ग्राम प्रधानों ने ग्राम प्रधान के साथ बदसलूकी को लेकर एसडीएम के खिलाफ हल्ला-बोला औऱ साथ ही निंदाकर प्रदर्शन किया। प्रधान संगठन ने एसडीएम की बदसलूकी पर 24 घंटे के भीतर उसके तबादले की मांग उठाई औऱ विधायक के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपने को कहा.

वहीं लोगों ने इस रवैए पर आपत्ति जताई औऱ सीएम से मांग की की तबादला किया जाए. वहीं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब खरी-खोटी एसडीएम को सरकार को भी सुनाई.

गुस्साए लोगों का आरोप-सरकार के इशारों पर हो रहा है सबकुछ

लोगों ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ये सब सरकार के दबाव बनाने पर ही कर रहा है. जनता का कहना है कि ये सब सरकार की ही मिली भगत से हो रहा. उसे सरकार द्वारा ही कहा गया. कुछ का कहना है कि अधिकारी सरकार के उंगलियों पर नाचते हैं और सरकार जो करने को बोलती है वही वो करते हैं…ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर सरकार इससे अपना पल्लू झाड़ रही है तो एसडीएम पर सख्त कार्रवाही करके दिखाएं.

उत्तराखंड की जनता में रोष व्याप्त है. शराब के ठेके को खोलने को लेकर गुस्सा साफ तौर पर देखा जा सकता है. लेकिन एसडीएम का ऐसा रवैया शोभा नहीं देता. लोगों ने मांग की है कि कार्यवाही नहीं बल्कि बर्खास्त कर देना चाहिए.

उत्तराखंड की जनता को जवाब दो सरकार

उत्तराखंड की जनता सीएम से जवाब मांग रही है औऱ सवाल तो सरकार को पता ही है तो जल्द से जल्द उन्हें जवाब मिल जाना चाहिए वरना हो सकता है जनता सड़कों पर आए…क्योंकि पहले ही राज्य को हड़ताली राज्य से फेमस किया जा रहा है.



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