देहरादून- शहरभर में अतिक्रमण के खिलाफ महाअभियान आज भी चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के कई हिस्सों में अवैध अतिक्रमण को तोड़ा गया। लोगों के भारी विरोध के बीच चिन्हित किए गए अवैध निर्माण को जेसीबी ने तोड़ दिया। सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल और एसडीएम मसूरी मीनाक्षी पटवाल के नेतृत्व में धर्मपुर के कई हिस्सों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जोरों पर चलाया गया।

चिह्नित किए गए 45 अतिक्रमणों को ध्वस्त

गौरतबल है कि टास्क फोर्स ने सहारनपुर रोड जोन में शुक्रवार को मातावाला बाग से सहारनपुर चौक तक सड़क के दोनों ओर चिह्नित किए गए 45 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया। इस दौरान पार्किंग में पार्टी लॉन संचालित करने पर पटेलनगर स्थित एक नामी होटल और व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित कागजात न दिखाने पर निरंजनपुर मंडी स्थित तीन शोरूमों को सील कर दिया गया। आज सहारनपुर चौक से आगे अभियान चलाया जाएगा।

हरिद्वार रोड पर लोगों ने खुद ही तोड़ने शुरू किए अतिक्रमण

अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन अभियान ने तेजी पकड़ ली। दूसरे दिन हरिद्वार रोड की टास्क फोर्स ने दिनभर में पचास से अधिक अतिक्रमण तोड़े। टीम को अभियान के दौरान लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा. अभियान के समय चंचल डेरी से अजबपुर चौक तक जीरो जोन कर दिया गया। हरिद्वार रोड में शुक्रवार को अभियान शुरू होता। इससे पहले ही लोगों ने अपने अतिक्रमण को खुद ही हटाना शुरू कर दिया था। सुबह 11 बजे अतिक्रमण हटाने को टीम पहुंची उस समय लोग खुद अतिक्रमण हटा रहे थे।

राजपुर रोड पर 70 अतिक्रणकारियों को नोटिस

अतिक्रमण के खिलाफ राजपुर रोड पर चल रहे अभियान के तीसरे दिन तीस नोटिस जारी किए गये। अभियान में किसी दुकान की सीढ़ियां कब्जा कर बनाई मिली तो किसी की आधी दुकान ही अतिक्रमण की चपेट में आ रही है। वहीं, सिंचाई विभाग की नहर पर तो सौ फीसदी कब्जा मिला। शनिवार तक राजपुर रोड में चिह्नीकरण का कार्य पूरा होने की संभावना है।

राजपुर रोड पर कई जगह 30 मीटर तक कब्जा

राजपुर रोड पर कई जगह तीस मीटर तक कब्जा किया हुआ है। इस बात की पुष्टि शुक्रवार को अतिक्रमण का चिह्नीकरण कर रही टीम के सामने ही हो गई। दिलाराम चौके से नीचे कई जगह जब फीता डाला गया तो पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की नहर के बीच सरकारी जमीन पर सौ फीसदी तक कब्जा मिला।

एमडीडीए सवालों के घेरे में

शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है। अभियान में पता चल रहा है कि नक्शे के विपरीत शहर में नर्सिंग होम से लेकर व्यावसायिक भवन बने हैं। खुद एमडीडीए अब जाकर इन्हें सील कर रहा है।

सवाल इस बात का है कि इससे पहले एमडीडीए ने कार्रवाई क्यों नहीं की। आवासीय भवनों से लेकर व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास करने तथा नक्शे के अनुसार काम हो रहा है या नहीं, इसे देखना एमडीडीए का काम है। इस अभियान में एमडीडीए खुद घिर गया है।अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम में शामिल एमडीडीए अधिकारी जब मैदान में उतरे तो हकीकत सामने आ गई।

शुक्रवार को एमडीडीए ने अभियान के दौरान तीन शोरूम व एक होटल को सील किया।  कहीं पर पार्किंग नहीं थी तो कहीं पर पार्किंग का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। बीते गुरुवार को ही चले अभियान में एमडीडीए ने सहारनपुर रोड में एक कॉम्पलेक्स भी सील किया। रिस्पना पुल के पास नक्शे के विपरीत हुए काम पर दो नर्सिंम होम सील किए। ऐसे और भी अवैध प्रतिष्ठान शहर में हो सकते हैं।

त्यागी रोड के होटल भी निशाने पर

प्रिंस चौक से त्यागी रोड की तरफ लोनिवि की टीम ने कई अतिक्रमण चिह्नित किए थे। इसकी जद में कई होटल तक शामिल थे। बायकायदा सभी अतिक्रमणों पर लाल निशान तक लगाए गए थे। अब उम्मीद जगी है कि हाईकोर्ट के आदेश पर चल रहे अभियान में त्यागी रोड के अतिक्रमणों को हटाने का नंबर भी आ पाएगा। त्यागी रोड के होटल, बार, व्यावसायिक भवन, आवासीय भवन तक अतिक्रमण की जद में है।

अतिक्रमण तोड़ने से फैला मलबा बना मुसीबत

शहर के चारों तरफ अतिक्रमण तोड़ने का अभियान चल रहा है। इससे जमा हुए मलबे का निस्तारण प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया है। मलबे को डंप करने के लिए लोकेशन ढूंढी जा रही है। वहीं अतिक्रमण के मलबे से सड़क की नालियां भी भर गई हैं। यहां बरसात जलभराव का कारण बन सकती है।

 



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