वियना : अपने यूरोपिय यात्रा के दूसरे चरण में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं संसदीय समिति के अध्यक्ष, हरिद्वार से सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ऑस्ट्रिया की राजधानी पहुंचे. वियना में डॉ निशंक  की बहुचर्चित पुस्तक “विश्व धरोहर गंगा” के अंग्रेजी अनुवाद का विमोचन किया गया. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधित्व कर रहे मयंक शर्मा, विश्व परमाणु ऊर्जा संस्था के डॉ अंसारी,  वियना कि हिंदू मंदिर समिति के अध्यक्ष आहूजा के अतिरिक्त स्थानीय समुदाय के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

निशंक ने इस अवसर पर उद्योग जगत से जुड़े लोगों से मुलाकात की. इस अवसर पर डॉ निशंक ने मौसम परिवर्तन और हिमालय विषय पर व्याख्यान भी दिया. डॉ निशंक ने इस बात को रेखांकित किया कि हाल में ही विश्व आर्थिक फोरम की बैठक में प्रधानमंत्री जी द्वारा विश्व समुदाय के समक्ष मौसम परिवर्तन को सबसे बड़ी चुनौती बताया गया है. उन्होंने कहा कि विश्व में जल संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।

हिमालय और अन्य वैश्विक हिमनदों पर विपरीत प्रभाव पड़ने से हम एक गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं. डॉ निशंक ने कहा कि आज की आवश्यकता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें. हम जितना प्रकृति से समन्वय स्थापित करेंगे उतना ही हमारा जीवन सुखमय और समृद्ध होगा. उन्होंने यूरोपीय देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की और कहा कि विकास और पर्यावरण की रक्षा का समन्वय स्थापित करने के लिए विश्वव्यापी कदम उठाए जाने चाहिए.

इससे पूर्व डॉ निशंक का वियना में स्वागत करते हुए मयंक शर्मा ने कहा कि उनके कृतित्व से उनके सामाजिक हित से जुड़े अभियानों से पूरा विश्व परिचित है. उन्होंने डॉक्टर निशंक को स्पर्श गंगा, आशीर्वाद रोजगार योजना, संवेदना जैसी जनहित कार्यक्रमों के लिए बधाई दी ।



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