बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि विजय माल्या में कोई हृदय परिवर्तन नहीं हुआ है और वह अपना कर्ज चुकाने के इच्छुक नहीं हैं. इसलिए कानून भगोड़े शराब कारोबारी के पीछे पड़ा हुआ है. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “उनका हृदय परिवर्तन नहीं हुआ है कि वह बैंकों का कर्ज चुकाना चाहते हैं. वस्तुत: कानून से खिलवाड़ करने वालों को दबोचने के लिए कार्रवाई की जा रही है.”

किंगफिशर एयरलाइन के 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज नहीं चुकाने के मामले में माल्या ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2016 में लिखा एक पत्र सार्वजनिक किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कर्ज चुकाने को तैयार हैं, लेकिन उनको बैंक का चूककर्ता के रूप में ‘पोस्टर बॉय’ नहीं बनाया जाए.

पात्रा ने कहा कि सरकार द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक और ऋणशोधन अक्षमता व दिवाला कानून लाने से बेनामी संपत्ति रखने वाले भ्रष्टाचारियों को कठिनाई महसूस होने लगी है.

उन्होंने माल्या के इस पत्र की तुलना उनके द्वारा 2011 में तात्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र से की और कहा कि मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने नाराजगी जाहिर की है, जबकि सिंह को लिखे पत्र में उन्होंने सहायता के लिए आभार जताया था.

पात्रा ने कहा, “माल्या ने मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि वह सीबीआई, एसएफआईयू और ईडी द्वारा मामले की जांच में उनको बैंक को चूना लगाने वाला पोस्टर बॉय बताए जाने पर नाराज हैं, लेकिन मनमोहन सिंह को उन्होंने 550 करोड़ रुपये का कर्ज प्रदान करने के लिए उनका आभार जताया था.”

उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी संपत्ति जब्त कर बैंकों के कर्ज की वसूली कर रही है, इसलिए वह नाराज हैं. पात्रा ने कहा, “माल्या ने संप्रग शासन काल में अपनी बादशाहत से लेकर अब बैंकों को चपत लगाने और भ्रष्टाचार करने का पोस्टर बॉय तक का सफर तय किया है.”

पात्रा ने कर चोरी के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप को लेकर उनसे सवाल किया और कहा कि आयकर विभाग ने वाड्रा और उनकी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटलिटी को 25 करोड़ रुपये चुकाने के लिए नोटिस भेजा है.



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