देहरादून- सीएम के जनता दरबार में आज हाई वॉल्टेज ड्रामा देखने को मिला. सीएम के जनता दरबार में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी ने नाराज होकर सीएम के सामने अपना गुस्सा इस कदर उतारा की सीएम भी बौखला उठे और उन्होंने भी बहुत कुछ कह डाला.

दरअसल हुआ यूं कि उत्तरकाशी के नौगांव में तैनात शिक्षिका देहरादून सीएम आवास में जनता दरबार में पहुंची थी. जैसे ही महिला सीएम को अपनी समस्या बताने लगी तो बताते-बताते बात इतनी बढ़ गई की शिक्षिका आपे से बाहर हो गई और शायद सीएम को भी ये नगवार गुजरा और उन्होंने भी सब कुछ भूल कर इस तरीके से व्यवहार किया जैसे मानों सीएम नहीं कोई आम आदमी बोल रहा है.

महिला के पति की हो चुकी है मृत्यु

आपको बता दें शिक्षिक 25 साल से उत्तरकाशी में तैनात है. महिला का कहना है कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है और महिला के बच्चे देहरादून में हैं जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है. शिक्षिका की मांग थी कि उसका ट्रांसफर देहरादून कर दिया जाए जिससे बेसहारा बच्चों को भी वो देख सकें.

महिला आग बबूला औऱ सीएम का गुस्सा सातवे आसमान पर

लेकिन इस दौरान महिला शिक्षिका कुछ ज्यादा ही आग बबूला उठी औऱ सीएम का गुस्सा भी सातवें आसमान पर चढ़ बैठा. सीएम ने तुरंत उसको निलंबित करते हुए गिरफ्तारी के आदेश दिए. महिला का नाम अंतरा बहुगुणा बताया जा रहा है जो कि उत्तरकाशी के नौगांव में तैनात है और वो देहरादून ट्रांसफर चाहती है.

पहले से सस्पेंड, कर चुकी है कांग्रेस की सरकार के दौरान हंगामा

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षिका कई साल पहले से सस्पेंड है. कांग्रेस की सरकार के दौरान जब हरीश रावत सीएम थे महिला ने सचिवालय में इसी मांग को लेकर हंगामा किया था.

पलड़ा दोनों का यानि महिला शिक्षिका और सीएम का बराबर भारी

खैर सीएम के जनता दरबार में हुए हंगामे में पलड़ा दोनों यानि शिक्षिका और सीएम दोनों का ही भारी है. क्योंकि शिक्षिका का इतना आगबबूला हो जाना कई मायने में सही नहीं है तो वहीं इतनी ऊंचे पद पर यानि सीएम की कुर्सी पर बैठे ऐसे शब्द और व्यवहार भी जनता से सही नहीं है.



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