• पड़ोसी द्वारा इस गरीब परिवार को पिछले लंबे समय से किया जा रहा परेशान
देहरादून। राजधानी देहरादून में केदारपुर एमडीडीए कालोनी स्थित एक गरीब परिवार अपने पड़ोसी के आतंक से इस कदर भयभीत है कि यह परिवार पिछले सात माह से अपना घर छोड़कर अन्यत्र किराए के मकान में रहने को मजबूर है। पड़ोसी द्वारा इस गरीब परिवार को पिछले लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। कई बार पड़ोसी द्वारा इस परिवार के साथ मारपीट और गालीगलौच की गई, जानलेवा हमला किया गया और लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 
पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस से आरोपी की शिकायत की गई, पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कुछ नहीं की। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आरोपी के हौंसले बुलंद हैं और वह इस परिवार को जान से मारने की लगातार धमकी दे रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने से इस परिवार का पुलिस से विश्वास उठ चुका है। पिछले 7 महीने से यह परिवार अपने घर को छोड़कर किराए के मकान पर रह रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं, पड़ोसी द्वारा इस  मकान को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मकान के खिड़की, दरवाजे और शौचालय की सीट तोड़ी जा चुकी है। पुलिस को पूरी स्थिति अच्छी तरह से पता है, उसके बावजूद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित परिवार से कहा जाता है कि घर जाओ तो चैकी पर सूचित कर जाना।
ई-3/521 केदारपुरम एमडीडीए कालोनी अजबपुर कलां देहरादून में सुभाष चंद्र बडोनी का मकान है। उनके पड़ोस में संजय शर्मा (मोनू), उसकी पत्नी किरन शर्मा रहते हैं। किरन शर्मा अपने को वकील बताती है। सुभाष चंद्र बडोनी का आरोप है कि पड़ोसी संजय शर्मा पिछले काफी समय से उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। पड़ोसी द्वारा उनके साथ आए दिनों मारपीट और गाली-गलौच की जाती है। सुभाष का आरोप है कि सितंबर 2017 में संजय शर्मा (मोनू), उसकी पत्नी किरन शर्मा द्वारा उन पर सबल से प्राणघातक हमला किया गया। उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, सिर पर सबल से हमला किए जाने से सुभाष बुरी तरह से हायल हो गए वे काफी दिनों तक इलाज के लिए दून अस्पताल में भर्ती रहे।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब वे घर गए तो आरोपी द्वारा उन्हें फिर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार द्वारा डिफेंस कालोनी पुलिस चैकी में इसकी शिकायत की गई, पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। कार्रवाई न होने से पड़ोसी के हौंसले बुलंद हैं और वह लगातार उन्हें परेशान करता रहा। 28 सितंबर 2017 को इस परिवार ने पड़ोसी के आतंक से भयभीत होकर अपना यह घर छोड़ दिया और अन्यत्र किराए के मकान पर रह रहे हैं।  अभी कुछ दिनों पहले सुभाष अपने रिश्तेदारों के साथ मकान को देखने वहां गए तो उनके सामने भी आरोपी ने कहा कि इसे मैं जान से मार दूँगा चाहे जो भी सजा हो..।
उस दिन भी पुलिस को अवगत कराया गया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सुभाष का कहना है कि अब आरोपी उसके मकान में तोडफोड़ करने में लगा हुआ है। पानी की टंकी तोड़ दी गई है, शौचालय की सीट तोड़ दी गई है। दीवार गिराई गई है। सुभाष का कहना है कि अब आरोपी द्वारा उन्हें अपने घर में भी नहीं आने दिया जा रहा है। कहता है कि यहां आओगे तो इस मकान को तुम्हारी कब्रगाह बना दूंगा। पुलिस द्वारा शिकायत के बावजूद कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित परिवार का पुलिस से विश्वास उठता जा रहा है। प्रदेश की राजधानी में पड़ोसी के भय से गरीब परिवार अपने आश्रय को महीनों से घर छोड़कर किराए के मकान पर रहने को मजबूर है और पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न किया जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।



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