जनता दरबार में सीएम त्रिवेंद्र रावत के साथ हुई महिला अध्यापिका की झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब इस मसले पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीएम को सलाह दी है। अपनी फेसबुक वॉल पर लिखते हुए हरीश रावत ने कहा है कि क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को व्यवहार! लेकिन यदि बड़े ही छोटे हो जाएं, तो बहुत तकलीफ होती है।

हरीश रावत ने आगे लिखा है कि जनता दरबार में मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat जी के सम्मुख एक छोटे कर्मचारी का व्यवहार भले ही संगत ना हो मगर मुख्यमंत्री को कुपित होकर उसे सस्पेंड करने व गिरफ्तार करने के आदेश नहीं देने चाहिए। आखिर जनता दरबार भी तो मुख्यमंत्री ने ही बुलाया था और वही लोग जनता दरबार में आते हैं जिन्हें कुछ तकलीफ होती है। और यदि ये सत्य है कि वो 20 वर्ष से अति दुर्गम क्षेत्र में तैनात है और एक विधवा है, तो उनका गुस्सा तो समझ में आता है, मगर बड़ों को उन पर गुस्सा नहीं होना चाहिए। और यदि गुस्सा होना ही है तो उन अधिकारियों पर गुस्सा उतरना चाहिए जिन्होंने उस शिक्षिका के कठिनाई को मंत्री और मुख्यमंत्री के सामने नहीं रखा और उसको वांछित राहत नहीं दी।

 



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