देहरादून(मनीष डंगवाल)- 26 जून 1975 का वह दिन भला कौन भूल सकता है,जिस दिन देश में आपात कालू लागू किया था,लेकिन बीजेपी आज भी आपात काल के लिए कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराती है और इसी कड़ी में आपता काल के 43 वर्ष पूरे होने भाजपा ने इसे काला दिवस के रूप में देश भर में मानया.

आपातकाल के दौरान 1 लाख 10 हजार 806 लोगों को मीसा एक्ट के तहत जेलों में बंद किया 

उत्तराखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बकायदा पत्रकार वर्ता करते हुए आपात का जिक्र किया. जिसमें उन्होने कहा कि पूरे देश में आपात काल के दौरान 1 लाख 10 हजार 806 लोगो को मीसा एक्ट के तहत जेलों में बंद किया गया था. इंदिरा गांधी का आपतकाल को लेकर तुलगली फरमान इससे समझा जा सकता था कि बिना कैबिनेट बैठक के देश में आपातकाल लगा दिया गया. यहां तक कि आपताकाल के दौरान प्रेस की स्वतत्रंता पर जहां परहार किया गया.

बीजेपी ने मनाया काला दिवस के रुप मं

वहीं न्यायालय पर भी कांग्रेस की नीतियां हावी रही. इसलिए कांग्रेस की गलत नीतियों को देश की जनता के समक्ष रखना जरूरी है और कुल मिलकार लोकतंत्र के लिए ये दिन काल अध्याय के तौर पर रहा इसलिए बीजेपी आज के दिन को काला दिवस की रूप में माना रही है। यहां तक कि आपातकाल के दौरान 26 राजनैतिक दलों के साथ आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने को भी जेपी नड्डा ने गलत बताया।

इंदिरा गांधी ने प्रजातंत्र का गला घोटा जिसके खिलाफ देश के कई लाख परिवारों ने लडाई लडी

जेपी नड्डा ने आगे कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की लड़ाई आजादी की दूसरी लडाई लड़ने जैसे थी,जिसे देश की जनता ने लड़ा। इंदिरा गांधी ने प्रजातंत्र का गला घोटा जिसके खिलाफ देश के कई लाख परिवारों ने लड़ाई लड़ी.

उत्तराखंड को नमन

आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लडने में भी पर्वतीय राज्य उत्तराखंड पिछे नहीं रहा. ये कहना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का,जीं हां जेपी नड्डा ने कहा कि जब आपातकाल के समय उत्तराखंड यूपी का हिस्सा था तो उस समय इस पर्वतीय राज्य से 200 लोग झेल में गए.

जिनका एक हाथ नहीं था और वह आपताकाल का विरोध कर रहे थे

उदाहरण के तौर पर जेपी नड्डा ने कहा कि आरएसएस के प्रचारक प्रेम बड़ाकोटी जिनका एक हाथ नहीं था और वह आपताकाल का विरोध कर रहे थे उन्हे बिजली के खम्बे से सीड़ी लगाने के गलत आरोप में जेल भेज दिया गया. जबकि बिना हाथ कि बिजली चोरी इंसान कैसे कर सकता है.

पत्रकार जिसका दहिना हाथ नहीं था उसे रेल की पटरी उखाड़ने के आरोप में जेल भेजा

वहीं दूसरा उदाहरण बल्लभ पटेल का जेपी नड्डा दिया जो पत्रकार थे उनका दहिना हाथ नहीं था और उन्हे रेल की पटरी उखाड़ने के आरोप में जेल डाल दिया गया था,इसलिए वह उत्तराखंड वासियों को नमन करते है कि आपात काल की लडाई उत्तराखंडवासियों ने भी लडी।

सीएम त्रिवेंद्र कामों की तारिफ, पहले पीएम फिर अमित शाह औऱ अब नड्डा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र्र सिंह रावत को पिछले एक हफते के भीतर केंद्रीय हाईकमान से तीसरी बार तारीफ सुनने को मिली. पहले 21 जून को योग दिवस के सफल आयोजन करने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की तारिफ की फिर 24 जून को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उत्तराखंड दौरे पर आए और शोसल मीडिया वोलियेंटर को सम्बोधित करते हुए अमितशाह ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कामों की तारिफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के तौर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत अच्छा काम कर रह है.

सीएम ने किया अच्छा काम-नड्डा

वहीं आज आपताकाल की 43 वर्ष पूरे होने पर काला दिवस मानने के लिए उत्तराखंड पहुंचे जेपी नड्डा ने कहा कि सीमए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपताकाल के दौरान जेल में बंद होने वाले लोगों के लिए पेंशन शुरू कर अच्छा काम किया है और इसके लिए त्रिवेंद्र रावत बधाई के पात्र है।

कई सौ लोगो को मिल रहा है पेंशन का लाभ

उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार ने आपात काल के दौरान जेल में बंद हुए लोगों के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने बडा तौहफा दिया,17 जनवरी 2018 को त्रिवेंद्र सरकार ने जीओ जारी करते हुए मीसा एक्ट के तहत जेल में बंद हुए लोगोें के लिए 16 हजार रूपये के करीब प्रतिमाह पेंशन देने का आदेश जारी कर दिया,आदेश के मुताबिक 25 जून 1975 से 2 मार्च 1977 के बीच के समय में जो लोग मीसा एक्ट के तहत जेल में बंद रहे उन्हे पेंशन का लाभ मिलेगा। अभी तक प्रदेश में कई 100 लोग इसके लिए आवेदन कर चुके है जिनकी पेंशन जारी भी की जा रही है। और यह वह वजह है जिसकों लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की तारिफ की है।



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