• दून में बारिश के कहर एक परिवार हुआ ख़त्म, 8 लोगों की हुई मौत
  • रामगंगा के उफान पर होने के कारण नाचनी में बहा झूला पुल 
  • नदी के तेज बहाव में एक जेसीबी और दो कारें बही 

DEHRADUN । प्रदेशभर में भारी बारिश ने जहाँ तबाही मचाई हुई है वहीँ अस्थायी राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में बारिश का कहर लगातार जारी है। देहरादून महानगर इलाके में अब तक भारी वर्षा से 8 लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि 2 लोग घायल और एक के लापता होने की सूचना है। बीती देर रात हुई बारिश के कारण वसन्त विहार के शास्त्री नगर में एक मकान की दीवार के गिरने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है।

घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मौके में पहुंचकर 2 घायल लोगों सहित 4 शवों को मलबे से बाहर निकाला। वहीँ घायल प्रमोद साहनी (35), जगदीश साहनी (70) दून अस्पताल पहुंचाया गया हैं, जहां उनका उपचार चल रहा है।

वहीं रायपुर में नफीस अहमद पुत्र मुस्तफा अहमद निवासी एलआईजी ब्लाक, एमडीडीए कॉलोनी, उम्र 50 वर्ष, रिस्पना नदी के तेज बहाव में बह गया। पुलिस बल द्वारा तलाश हेतु आसपास के क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। नफीस का शव क्लेमेनटाउन क्षेत्र दूधली की नदी में बह कर आ गया। टीम द्वारा शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

 गौरतलब हो कि भारी वर्षा के चलते एक मकान की दीवार गिरने के कारण एक ही परिवार के 4 लोग मौत के मुंह में जा समाये। ये सभी मूल रूप से बिहार के रहने वाले बताये जा रहे हैं। मरने वालों में एक 3 साल का नीरज नाम का बच्चा भी शामिल है साथ ही दूसरा उसका 7 साल का बड़ा भाई धीरज था। इसके अलावा दोनों बच्चों के पिता संतोष साहनी (40 वर्षीय) व मां सुलेखा देवी (35 वर्षीय) की भी इस दीवार गिरने वाली घटना में दर्दनाक मौत हो गई है।

इस घटना के साथ ही दो अन्य लोगों की रिस्पना नदी के तेज़ बहाव में बह जाने से मौत हो गई है। जिसमें एक मृतक राजेश आज सुबह रिस्पना नदी के तेज उफान में फंस गया था। राजेश का शव उसके संजय कॉलोनी स्थित निवास से करीब 10 किलोमीटर दूर दूधली गांव में मिल चुका है । पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। भारी वर्षा के बाद तमाम दुर्घटनाओं की लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर SDRF का राहत बचाव दल अलग-अलग स्थानों में रवाना होकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। 

जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने 11 जुलाई 2018 को तेज आंधी और बरसात को देखते हुए जनपद में स्थित समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा एक से कक्षा 12 तक के समस्त स्कूलों का अवकाश घोषित किया है। वहीं राजधानी के एशियन स्कूल की दीवार भी ढह गई है। देहरादून में बिंदाल पुल पर मौजूद एक हाई वोल्टेज टावर गिर गया, जिससे दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

वहीँ पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने काफी तबाही मचाई है। यहां रामगंगा के उफान पर होने के कारण नाचनी में झूला पुल बह गया। यह पुल नाचनी और बागेश्वर को जोड़ता है। राम गंगा का रौद्र रूप देखकर लोगों में दहशत है। रात से लोग डरे-सहमे हैं। 

बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर स्थित नाचनी झूला पुल टूटने से कपकोट विकासखंड के केंचुआ काला बेर कपड़े ग्राम सभा का दुनिया से संपर्क टूट चुका है।  ग्रामीण गांव में कैद होकर रह गए हैं। ग्राम सभाओं के 3 दर्जन से अधिक छात्र नाचनी में पढ़ते हैं। पुल टूटने से पढ़ाई की समस्या पैदा हो गई है। अब बच्चों को 7 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर नाचनी कॉलेज तक पहुंचना होगा।  इधर पूर्वी रामगंगा में आई बाढ़ से आसपास के सैकड़ों नाली खेत बर्बाद हो गए हैं। खासकर भगोना ग्राम सभा में 25 नाली खेतों पर भारी मलबा जमा हो गया है।

वहीँ बागेश्वर में पैर फिसलने से एक महिला सरयू नदी में गिर गई। जल पुलिस की मुश्तैदी से महिला को डूबने से बचा लिया। घायल महिला का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। नीमा देवी पत्नी हरीश चंद्र उम्र 35 वर्ष निवासी कांडाधारा जिला मुख्यालय स्थित राधा कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना करने गई हुई थी। तभी सरयू किनारे किसी काम से गई तो उसका पैर फिसल गया। अचानक वह सरयू की उफनाती लहरों में डूबने लगी। आस-पास के लोगों ने जैसे ही यह देखा तो इसकी सूचना जल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची जल पुलिस की टीम व स्थानीय लोगों की तत्परता से 300 मीटर दूर गोमती पुल के पास महिला को बचाया। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज किया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत स्थिर है।

नदी के तेज बहाव में यहां एक जेसीबी और दो कारें बह गई हैं। नाचनी में बिजली के कई पोल बह गए हैं, जिस कारण नाचनी, मुनस्यारी और मदकोट में बिजली गुल है। झूलाघाट में भी महाकाली उफान पर है। नदी अपने साथ टीन गरडर बहा कर लाई। जिससे नदी पर बने पुल पर खतरा मंडरा रहा है।

बागेश्वर के कपकोट में सरयू नदी का पानी काफी बढ़ गया है। यहां भी नदी में कई वाहन बह गए हैं। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो तबाही और ज्यादा बड़ सकती है। उधर, गढ़वाल में बारिश से यमुनोत्री हाईवे डबरकोट और यमुनापुल के पास बंद पड़ा है। मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं।

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