सावन के महीने में शिव की उपासना बेहद खास और महत्व का माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास में विधिवत रूप से की गई शिव पूजा से अभीष्ट फलों की प्राप्ति होती है.

सावन मास को मासोत्तम कहा जाता है यानि सभी 12 महीनों में सबसे उत्तम महीना सावन होता है. सावन का पावन महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है जो 26 अगस्त 2018 तक रहेगा. कहते हैं कि सावन में विशेष मन्त्रों से शिव की आराधना करने से हर मनोकामना पूरी होती है.

सावन में इन मन्त्रों से करें शिव की आराधना
अपक्रामन्तु भूतानि पिशाचाः सर्वतो दिशा.
सर्वेषामवरोधेन ब्रह्मकर्म समारभे..
अपसर्पन्तु ते भूताः ये भूताः भूमिसंस्थिताः.
ये भूता विनकर्तारस्ते नष्टन्तु शिवाज्ञया..

तत्पश्चात शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए इस मंत्र का जाप करें-
गंगा सिन्धुश्य कावेरी यमुना च सरस्वती.
रेवा महानदी गोदा अस्मिन्‌ जले सन्निधौ कुरु..

चंदन की धूप जलाते हुए इस मंत्र का जाप करें-
काशीवास निवासिनाम्‌ कालभैरव पूजनम्‌.
कोटिकन्या महादानम्‌ एक बिल्वं समर्पणम्‌..
दर्षनं बिल्वपत्रस्य स्पर्षनं पापनाशनम्‌.
अघोर पाप संहार एकबिल्वं शिवार्पणम..
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्‌.
त्रिजन्मपाप संहारं एकबिल्वं शिवार्पणम..
गंगोत्तरी वेग बलात्‌ समुद्धृतं सुवर्ण पात्रेण हिमांषु.
शीतलं सुनिर्मलाम्भो ह्यमृतोपमं जलं गृहाण काशीपति भक्त वत्सल..



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