supreme courtदेहरादून- सुप्रीम कोर्ट ने रामनगर के रिसोर्ट में अतिक्रमण को ध्वस्तीकरण के उच्च न्यायालय के आदेश को मोडिफाई कर विभाग द्वारा सुनने और निर्णय आने तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है.

सुनवाई करने वाले तीन जजों के कोरम में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम.खानविलकर और जस्टिस डी.वाई.चंद्रचूड़ शामिल थे जिन्होंने याचिकाकर्ता नवीन चंद्र सुयाल की स्पेशल लीव पेटिशन को सुनने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश को मोडिफाई करते हुए जिम्मेदार विभाग को प्राकृतिक न्याय के नियम को ध्यान में रखते हुए हटाने या ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पूरा होने तक तंग नहीं करने को कहा है.

न्यायालय ने ये भी कहा कि याची को अपनी बात कहने का अधिकार रहेगा और उच्च न्यायालय का कोई भी निर्देश सम्बंधित विभाग के वाद तय करने तक राह में नहीं आएगा. इसी के साथ याचिका को निस्तारित कर दिया गया है .इस फैसले से फिलहाल रामनगर के दर्जनों रिजॉर्ट को राहत मिल गई है.

रामनगर के रिजॉर्ट से जुड़े एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए.के.सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की खण्डपीठ ने कॉर्बेट रिवरसाइड रिसोर्ट की स्पेशल लीव एप्लिकेशन को सुनने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए 27 जुलाई तक रिसोर्ट में किसी भी तरह के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है ।



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