पिथौरागढ़- धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र के कुटी गांव में बादल फटने से तबाही मची है। नाले के उफान में आने से कुटी और ज्योलिंगकांग को जोड़ने वाला पुल बह गया। एक निर्माणाधीन विद्युत परियोजना को भी क्षति पहुंची है। पुल बहने से लगभग 12 चरवाहे जंगल में फंस गए हैं। हालांकि आईटीबीपी की चौकियां और हेलीपैड सुरक्षित हैं। फंसे हुए लोगों के बचाव का काम आईटीबीपी कर रही है।

ग्रामीणों के लिए भोजन एवं अन्य प्रबंध आईटीबीपी की ओर से

आईटीबीपी डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि क्षेत्र में शनिवार देर रात से ही बारिश शुरू हो गई थी। यह बारिश लगातार होती रही और रविवार को यहां बादल फट गया। उन्होंने बताया कि उनकी सभी चौकियां और हेलीपैड सुरक्षित हैं। जंगल में फंसे ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं। आवागमन सुचारु न होने तक ग्रामीणों के लिए भोजन एवं अन्य प्रबंध आईटीबीपी की ओर से किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अग्रिम चौकियों के जवानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं पिथौरागढ़-तवाघाट, थल-मुनस्यारी समेत मदकोट-मुनस्यारी की घिंघरानी सड़क पर शनिवार रात हुई तेज बारिश से भारी मात्रा में मलबा आ गिरा। इससे ये सड़कें बंद हो गई।  थल-मुनस्यारी सड़क रातापानी और बनिक में रात से बंद थी, सड़क दोपहर करीब एक बजे खुली

वहीं तवाघाट-नारायण आश्रम, सोबला-दर तिदांग, तवाघाट-पांगला, मसूरीकांठा-होकरा सड़क पर यातायात बंद है। उधर, बंगापानी तहसील के जाराजिबली ग्राम पंचायत के कफत्योली तोक में दो मंजिला मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया है।



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