बीएमसी द्वारा संचालित एक उर्दू स्कूल की छात्रा की मौत संदिग्ध रूप से दवा की एक खुराक लेने से हो गई और इससे कम से कम 30 अन्य विद्यार्थी बीमार हो गए. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पीड़िता की पहचान 12 वर्षीय चांदनी साहिल शेख के रूप में हुई है. मौत की वास्तविक वजह का पता लगाना अभी बाकी है.

बीएमसी आपदा नियंत्रण के एक अधिकारी ने कहा, “गोवंडी स्थित संजय नागर उर्दू स्कूल के बीमार विद्यार्थियों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया.” इन विद्यार्थियों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया, “भर्ती विद्यार्थियों में अधिकतर पेट दर्द और उल्टी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन अब इन लोगों की हालत स्थिर है.”

बृह्न्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के मौके पर पहुंचने के बाद, 100 से ज्यादा विद्यार्थियों के अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर इनका चेक-अप कराया. देवनार खंड के सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश देसाई ने कहा कि पुलिस टीम ने विषाक्तता के संदेह में स्कूल और अस्पताल का दौरा किया है.

क्षेत्र के समाजिक कार्यकर्ता सैयद अहमद ने पत्रकारों से कहा कि बच्चों को गुरुवार को स्कूल प्रशासन द्वारा कुछ दवाइयों की खुराक दी गई थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसका उन्हें हो रही समस्या से संबंध है या नहीं.

बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि घटना के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की जांच रपट के शुक्रवार को आने की संभावना है.





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