उत्तराखंड के गंगोत्री राजमार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण 700 तीर्थयात्री फंस गए. एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भूस्खलन उत्तरकाशी से 55 किलोमीटर दूर हुआ.

एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि उत्तरकाशी के जिलाधिकारी आशीष चौहान भी इसी मार्ग पर फंस गए थे और 700 कांवड़ियों को वैकल्पिक मार्ग से ले जाया गया है.

चौहान और अन्य अधिकारियों को भूस्खलन से 15 किलोमीटर दूर सुरक्की गांव जाना पड़ा. कुछ कांवड़िए सुक्की लौट आए जबकि अन्य राजमार्गों पर अपने वाहनों में इंतजार कर रहे हैं.

अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर मलबे को साफ करने के लिए सीमा सड़क संगठन के कर्मियों को तैनात किया गया है. उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम को फंसे हुए तीर्थयात्रियों की तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए धराली में शिविर बनाने के लिए कहा है.

केवल 48 घंटे पहले भारी भूस्खलन ने उत्तरकाशी से 80 किमी दूर धराली में विनाश की स्थिति पैदा कर दी थी. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि पहाड़ियों से लगातार मलबा आ रहा था, जिससे राजमार्ग की सफाई मुश्किल हो गई.

इस बीच क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने शनिवार से पहाड़ी राज्य में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. मौसम के अनुसार, चंपावत, उधमसिंह नगर, नैनीताल, टिहरी और राज्य की राजधानी देहरादून में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अनुमान है.





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