देहरादून- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत देहरादून में बसी अवैध बस्तियों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जंग अभी खत्म नहीं हुई है। देहरादून में बसी अवैध बस्तियों को मालिकाना हक दिलाए जाने को लेकर जहां कांग्रेस श्रेय लेती है और अभी तक मालिकाना हक न दिए जाने को लेकर त्रिवेंद्र सरकार पर समय – समय पर आक्रामक नजर आती है…वहीं अतिक्रमण की जद्द में देहरादून की कई मलिन बस्तियां आई लेकिन मलिन बस्तियों में रहने वालों के घर न टूटे सरकार इसको लेकर अध्यादेश लेकर आ गई, जिससे मलिन बस्तियों में रहने वालों को 3 साल की महौलत तो मिल गई…क्योंकि सरकार ने 3 साल के भीतर मलिन बस्तियों में रहने वालों को आवास देने का ऐलान किया है…वहीं कांग्रेस का कहना कि सरकार अगर मलिन बस्तियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिला दे तो मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग बेघर नहीं होंगे।

एक तरफ होगा सम्मान तो दूसरी तरफ होगा पुतला दहन

उत्तराखंड की राजनीति में 7 अगस्त का दिन खास होने वाला है, क्योंकि 7 अगस्त को जहां भाजपा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार इस बात को लेकर व्यक्त करने जा रही है…कि अध्यादेश लाकर सरकार ने मलिन बस्ती में रह रहे लोगों को बड़ी राहत दी है…इसकी तहत भाजपा महानगर की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में देहरादून शहर के विधायक और महानगर के पदाधिकारी सीएम का सम्मान करने जा रहे हैं, जिसमें मलिन बस्ती में रह रहे लोग बड़ी मात्रा में मौजूद रहेंगे…महानगर भाजपा ने इसके लिए करीब 36 हजार भीड़ का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है…जिसके तहत सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से भीड़ के साथ परेड़ ग्राउड़ पहुंचेगे. जहां मुख्यमंत्री का सम्मान होगा। कुल मिलाकर भाजपा ने सीएम का सम्मान कर कांग्रेस को जवाब देने का मन भी बनाया है, क्योकि कुछ दिन पहले कांग्रेस ने मलिन बस्ती में रह लोगों को मालिकाना हक देने के लिए सीएम आवास कूच किया था, जिसे सफल भी बताया जा रहा है कि भारी बारिश के बाद कांग्रेस ने इस मांग को लेकर सफल कार्यक्रम का आयोजन किया

वहीं कांग्रेस फिर इस मुद्दे को लेकर सरकार को 7 अगस्त को तब घेरेगी जब बीजेपी सीएम का सम्मान कर रही होगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने साफ कर दिया है कि जिस दिन बीजेपी सीएम का सम्मान इस मुद्दे को लेकर करेगी कांग्रेस पूरे प्रदेश में उस दिन सरकार का पुतला दहन करेंगी। मतलब साफ है कि 7 अगस्त का दिन एक तरफ सम्मान तो दूसरी तरफ अपमान को लेकर होगा।





See More

 
Top