आपको बता दे कि कुछ दिनों पहले देहरादून के प्रेमनगर में हुए चर्चित गैंग रेप मामले में पूर्व में क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र तनेजा व अन्य आरोपियों का नाम सामने आया था जिसमे माननीय उच्च न्यायलय में तनेजा समेत अन्य दो आरोपियो की गिरफ्तारी पर पूर्व में स्टे दे दिया था। सूत्रों की मानें तो सुनने में आया है कि पुलिस द्वारा मंगाई गई fsl रिपोर्ट में  आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई थी । जिसको लेकर पार्षद तनेजा व अन्य ने  माननीय उच्च न्यायालय में अपने अधिवकता श्री यूसी उनियाल जी के माध्यम से माननीय न्यायालय के समक्ष मुकदमा लिखवाले वाली पीड़ित महिला के साथ प्रस्तुत हुए व सभी पीड़ित महिला ने सभी आरोपियो के समर्थन में बयान दर्ज करवा दिए। संज्ञान में आया है कि मान्य उच्च न्यायालय ने पीड़िता के बयानों के आधार पर प्रेम नगर थाने में  दर्ज किए गैंग रेप को मुकदमे को निरस्त कर दिया है । अगर ये सच है तो क्या इस प्रकार उत्तराखंड की थाना चौकी पुलिस अधिकारियों से अपनी पीठ थपथापने के लिए राजनीतिक नेताओं व अधिकारियों के दबाव में फर्जी मुकदमे दर्ज करती है। सूत्रों के संज्ञान से ये भी है कि माननीय न्यायालय ने आरोपियो पर पीड़िता को देने के लिये पांच लाख का अर्थ दंड  दिलवाया गया है ।




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