मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां कहा कि सशक्त भारत के लिए स्वस्थ भारत बनाना बहुत जरूरी है. राज्य पोषण मिशन अभियान के उद्धाटन के मौके पर योगी ने कहा कि भावी पीढ़ी और वर्तमान पीढ़ी को स्वस्थ रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. साथ ही उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि हम छह विभागों के साथ मिलकर कुपोषण के खिलाफ यह अभियान चला रहे हैं.”

यहां साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, “पहले की सरकारों ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया. प्रदेश में कई जनपद इंसेफलाइटिस से पीड़ित हैं. उनको हमने चुनौती के रूप में लिया है. आज उसमें व्यापक रूप से अभियान चलाकर सुधार लाया जा रहा है.”

योगी ने कहा, “अगर किसी घर में कुपोषित बच्चा पैदा होता है तो यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि उसकी मदद कर उसे आगे बढ़ने में साथ दें. अगर सरकारी योजनाएं पूरी तरह से जमीन पर पहुंचेंगी तो कोई भी कुपोषित नहीं रहेगा.”

उन्होंने कहा, “जब मैं मुख्यमंत्री बना तब मैंने सबसे पहले रॉशन कॉडरें का सत्यापन कराया, तो पता चला कि 30 लाख फर्जी राशन कार्ड थे. हमने प्रौद्योगिकी के माध्यम से उसमें सुधार कराया, जिसका हमें विरोध भी झेलना पड़ा.”

मंत्री अनुपमा जायसवाल ने इस मौके पर कहा, “पोषण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में मार्च में ही कर दी थी. उप्र में शिशु मृत्यु दर 64 फीसदी है. मानक से कम वजन के बच्चे 39 प्रतिशत हैं. यह हमारे लिए चिंता का विषय है. कुपोषण से निपटना किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इससे निपटने के लिए सभी को जागरूक होना पड़ेगा.”





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