• जैसे पंडितों ने पूजा करवाई हमने वैसे किया : यशपाल 
  • पूजा करवाने वाले पुजारी को मंदिर समिति का नोटिस 

अल्मोड़ा : प्रचीन जागेश्वर धाम में महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराना इसलिए प्रतिबंधित है कि रुद्राभिषेक पूजा में दूध, दही और शहद आदि अर्पित किया जाता है। इससे शिवलिंग को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए मंदिर समिति ने महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर पिछले वर्ष से  प्रतिबंध किया हुआ है।बावजूद इसके शनिवार को प्रातः प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा कराई। जिस पर  वहां के पंडितों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मंदिर प्रबंधन समिति से इसकी शिकायत की। इसके बाद मंदिर समिति ने रुद्राभिषेक कराने वाले पुजारी को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने को कहा है। हालाँकि कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने साफ़ -साफ़ कहा कि वे पिछले कई वर्षों से सामान्य व्यक्ति की तरह पूजा करने जागेश्वर धाम जाता रहा हूं। जैसी परंपरा और विधान है, उसी के अनुरूप जैसे अन्य लोग पूजा करवा रहे थे, उसी मैंने भी पूजा करवाई।

गौरतलब हो कि जागेश्वर धाम में पुजारियों की सहमति से महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा पर पिछले एक साल से प्रतिबंध है, ताकि शिवलिंग को नुकसान न पहुंचे। रुद्राभिषेक पूजा में दूध, दही और शहद आदि अर्पित किया जाता है। इससे शिवलिंग को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर प्रतिबंध है। जबकि मंदिर परिसर में यह अनुष्ठान कराने पर किसी का कोई प्रतिबन्ध नहीं है। बीते दिन शनिवार तड़के प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य जागेश्वर धाम में पूजा करने पहुंचे। प्रतिबंध के बावजूद महामृत्युंजय मंदिर के एक पंडित ने गर्भगृह में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की ओर से रुद्राभिषेक पूजा करवा दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैबिनेट मंत्री की यह पूजा तड़के 4:30 बजे से 5:12 बजे तक चली। इसकी भनक लगते ही जागेश्वर धाम के अन्य पुजारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने नियम के उल्लंघन पर कड़ी नाराजगी जताई और इसकी शिकायत मंदिर प्रबंधन समिति से की। मामले पर मंदिर समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट का कहना है कि बाहर से आने वाले भक्तों को गर्भगृह में रुद्राभिषेक प्रतिबंधित होने की जानकारी नहीं हो सकती है, लेकिन पुजारी को तो इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराया जो नियमों का उल्लंघन है।

प्रबंधक ने मंत्री की रुद्राभिषेक पूजा कराने वाले पुजारी आनंद भट्ट (गोठ्यूड़ा) को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने को कहा गया है। समिति ने पुजारी से पूछा है कि प्रतिबंध की जानकारी होने के बावजूद गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा क्यों करवाई गई। जवाब मिलने के बाद इस मुद्दे को मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में रखा जाएगा।

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