देहरादून। अगर आपको ये पता नहीं है कि बरसात में बह जाने वाली सड़कें कहां और कैसे बनती हैं तो आप उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का एक चक्कर लगा लीजिए। पता चल जाएगा। और जो लोग देहरादून में ही रहते हैं उनको तो पता ही है कि विकास सड़क के साथ बह गया है। लिहाजा सड़क पर बने गड्ढ़ों को ही अब वो अब अपनी किस्मत मान चुके हैं।

जी, सच यही है कि देहरादून में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का किया विकास बरसात के साथ बह गया है। सड़क ने गड्ढों में समाधि ले ली है और फिलहाल मंत्री जी जागे नहीं हैं। देहरादून का कोई ऐसा इलाका नहीं है जहां कि सड़क इस समय ठीक ठाक हो।

सर्वे चौक से डालनवाला रोड

रिस्पना पुल से धर्मपुर चौक की रोड

रिस्पना से ही अजबपुर फाटक की रोड

कारगी चौर से लाल पुल

कारगी से ही मोथरोवाला रोड

सहस्रधारा से आईटी पार्क

आढ़त बाजार,

तहसील से दून अस्पताल की रोड

राजपुर रोड

और अगर आप इन सड़कों पर बने गड्ढों में गिरने से बच गए तो शहरी विकास विभाग का दिया मौत का चैंलेज लेने आप ISBT फ्लाईओवर के नीचे सुभाष नगर से शिमला बाई पास वाली रोड की तरफ आ सकते हैं। यहां बाकायदा आपको सड़क पर दोनों तरफ कई फीट गहरा गड्ढा मिलेगा और उसमें से निकलता सीवर का पानी भी मिलेगा। जो सड़क बची थी वहां बाकायदा सीमेंट के चौकोर ब्लाक्स रखकर आपका सिर फोड़ने का इंतजाम करवा दिया गया है। लोग रोजाना इस गड्ढे में गिर रहें हैं और चोटिल हो रहें हैं। लेकिन मजाल है कि शहरी विकास मंत्री को समय मिल जाए और वो ये सड़क ठीक करा दें। फिर आपको ये भी बता दें कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक जी ने इस रोड को मॉडल रोड बनाने के नाम पर खासा बजट खर्च किया है।

तो कुल मिला कर कहानी इतनी है कि बरसात में बह जाने वाली सड़कें देखने देहरादून आइए और अगर देहरादून में रहते हैं तो इन सड़को का लुत्फ उठाइए और ISBT में सीवर के पानी में नहा कर आइए। सरकार ने पूरी व्यवस्था करा दी है। फिर सवाल ये भी तो है कि सड़क टूटेगी नहीं तो फिर बनेगी कैसे?

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