कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जर्मनी और लंदन में अपने देश का मौजूदा हाल बयां करना बिहार के एक वकील को नागवार गुजरा है. वकील सुधीर ओझा ने राहुल पर विदेशों में विवादास्पद बयान देने, देश को अपमानित करने तथा उन्माद फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगताते हुए शनिवार को यहां की एक अदालत में परिवादपत्र दायर किया.

मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) हरि प्रसाद की आदलत में वकील ओझा द्वारा दायर परिवादपत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने अपने विदेश दौरे के क्रम में लंदन और जर्मनी में अपने बयान में ‘आतंकवाद को जायज ठहराया है’ जिससे भारत की छवि धूमिल हुई है.

परिवादपत्र में कहा गया है कि कांग्रेस प्रमुख ने भारत में महिलाओं पर हाल के दिनों में हो रहे हमले के लिए संस्कृति को दोषी बताया है, जिससे विदेशों में भारत की छवि खराब हुई है.

ओझा ने बताया कि भादंवि की धारा 153 बी, 500 और 504 के तहत परिवादपत्र दायर किया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई चार सितंबर को तय की गई है.

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने शुक्रवार को लंदन के एक कार्यक्रम में धर्म को लेकर विचारधारा और प्रवृत्ति के आधार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना सुन्नी इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की. उन्होंने कहा कि आरएसएस भारत के हर संस्थान पर कब्जा करना चाहता है और देश के स्वरूप को ही बदलना चाहता है.

दलितों पर अत्याचार और एक संप्रदाय विशेष के लोगों की भीड़ द्वारा हत्या कराए जाने की देशभर में बढ़ती घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसके मूल संगठन आरएसएस भारत को तोड़ने और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं.





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