देहरादून- हरिद्वार में अटल जी की यात्रा के दौरान स्थान के चयन को लेकर हुई झोलमोल और नेताओं की नाराजगी किसी से छुपी नहीं है. एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन स्थानों के चयन ने कई दिग्गजों को नाराज कर दिया. अटल की यात्रा के बाद जरुर भाजपा में खींचतान शुरु हो गई है. जिससे अमित शाह की मेहनत पर भी पानी फेरा जा रहा है.

पंड्या न तो आयोजन का हिस्सा बने न ही श्रद्धांजलि देने हरकी पैड़ी पर पहुंचे

इस नाराजगी की शुरुआत तब हुई जब अटल जी की कलश यात्रा के स्थान लगातार बदले गए और स्थान चयन को लेकर सब डावाडोल रहा. इसको लेकर दो भाजपा दिग्गजों के बीच हुई खींचतान से शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या नाराज हो गए हैं। शांतिकुंज से यात्रा की शुरुआत नहीं होने से आहत पंड्या न तो आयोजन का हिस्सा बने न ही श्रद्धांजलि देने हरकी पैड़ी पर पहुंचे। उन्होंने शांतिकुंज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहुंचे थे शांतिकुज आश्रम, मांगा था आगामी चुनाव में समर्थन

आपको बता दें बीते महीने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हरिद्वार के शांतिकुज आश्रम पहुंचे थे और वहां के प्रमुख डॉ प्रणव पांड्या से 2019 में होने वाले चुनाव के लिए समर्थन  मांगा था. लेकिन कल हुई खींचतान औऱ नाराजगी से जरुर भाजपा नेता अमित शाह की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रहे है. जी हां शांतिकुंज प्रणव की नाराजगी साफ जाहिर हुई जब वह अटल जी की यात्रा में नहीं पहुंचे.

करीब 15 करोड़ साधक गायत्री परिवार से जुड़े, अप्रत्यक्ष तौर पर इनकी संख्या करीब 25 करोड़

डॉक्टर प्रणव पंड्या ने बताया था कि वक्त देश में सीधे तौर पर करीब 15 करोड़ साधक गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं, जबकि अब अप्रत्यक्ष तौर पर इनकी संख्या करीब 25 करोड़ है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया। साथ ही अपने साधकों को सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का आकलन करते हुए स्वयं विवेक से वोट देने की अपील की बताया की।

सबसे पहले महाराज के प्रेमनगर आश्रम से अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम हुआ था तय 

अटल जी की अस्थि कलश यात्रा को लेकर दो बार कार्यक्रम बदला गया। इसकी वजहे अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हुई हैं कि ऐसा क्यों किया गया लेकिन सूत्रों की माने तो शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बीच आम सहमति नहीं बनने से यात्रा के बाद भाजपा में खींचतान शुरु हो गई। आपको बता दें सबसे पहले महाराज के प्रेमनगर आश्रम से अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम तय हुआ था। लेकिन अचानक शनिवार को प्रेम नगर आश्रम की जगह शांतिकुंज कर दिया गया था। स्थान बदलने पर खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और अन्य पदाधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांतिकुंज का निरीक्षण किया था। शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के साथ लंबी बैठक करके ये तय किया गया था कि शांतिकुंज से ही अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी के लिए चलेगी।

शांतिकुंज को सजाया गया, शांतिकुंज के साधकों और देव संस्कृति विवि के छात्र छात्राओं-शिक्षकों को बुलाया गया

मीडियो रिपोर्ट की मानें तो देर शाम तक यात्रा शुरू करने के लिए व्यवस्थाओं पर काम होता रहा। शांतिकुंज परिवार ने पूरे परिसर और संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगतवी देवी शर्मा के समाधि स्थल को भी अच्छी तरह सजाया था। शांतिकुंज के साधकों और देव संस्कृति विवि के छात्र छात्राओं व शिक्षकों को आज होने वाले अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति श्रद्धांजलि समारोह के लिए बुलवा लिया थ।

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