देवभूमि उत्तराखंड अपनी नैसर्गिक सुन्दरता के साथ अपने मोहक पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विश्व विख्यात है. अब इसकी खूबसूरती को चार चांद लगाने के लिए सूबे का पर्यटन विभाग पूरे दमखम के साथ लगा हुआ है. पर्यटकों को अब तक हरिद्वार,मसूरी,औली और नैनीताल में ही रोपवे देखने को मिलता है. लेकिन अब जल्द ही दूसरे इलाकों में भी रोपवे के जरिए लोग सूबे की खूबसूरत वादियों का नजारा ले सकेंगे.

पर्यटन विभाग काफी लम्बे समय से रोपवे को लेकर अपने प्रयासों में तेजी ला रहा है. हिमाचल प्रदेश और कश्मीर की तर्ज पर यहां पर कुछ ही डेस्टिनेशन पर रोपवे के जरिए पर्यटक वादियों के खूबसूरत नजारे देख पाते थे. लेकिन अब सचिव दिलीप जावलकर और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयास से सूबे में रोपवे के निर्माण अब सहज होने वाला है. पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की माने तो आने वाले दिनों में सूबे में कई स्थानों पर रोपवे के जरिए आवागमन सुलभ करने के लिए अब पर्यटन विभाग अपने तैयारियों को अन्तिम रूप देने में लगा है.

सूबे में इस प्रोजेक्ट को आने वाले इन्वेस्टर समिट में रखने का मन भी विभाग ने बना लिया है. इसको लेकर उत्तराखंड शासन के लोक निर्माण विभाग ने उत्तराखंड रज्जुमार्ग अधिनियम 2014 की धारा 3 के अधीन उत्तराखंड राज्य में रोपवे के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण की अनुज्ञा स्वीकृत करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति को अनुज्ञा प्राधिकारी बनाएं जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है. इसके बाद सचिव पर्यटन प्रबंध निदेशक गढ़वाल मंडल विकास निगम प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम इस समिति में बतौर अनुज्ञा प्राधिकारी बनाया गया है.

इस बारे में सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि इस समिति के गठन के पश्चात रोपवे निर्माण की राह आसान हो जाएगी। बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, पूर्णागिरि तथा सुरकंडा देवी के साथ-साथ देहरादून-मसूरी और रानीबाग-नैनीताल रोपवे पर्यटन विभाग की योजना में शामिल हैं.

साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में और अधिक हिल स्टेशन को रोपवे से जोड़ने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी. आने वाले दिनों में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर और मंत्री सतपाल महाराज के प्रयास से सूबे में पर्यटन का एक बड़ा और सफल प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा. जिससे यहां आने वाले पर्यटकों की आमद बढ़ेगी. इसके साथ यहां पर कई नए डेस्टिनेशन पर यात्रा भी सुलभ होगी.





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