हरिद्वार- अभी तक आपने डीएम दीपक रावत को अधिकारियों को फटकार लगाते औऱ हड़काते हुए देखा होगा…आपने डीएम दीपक रावत को धान की फसल काटते हुए भी देका होगा…लेकिन आज आप देखेंगे की डीएम दीपक रावत कैसे डॉक्टर बने और कांवडिये की मरहम-पट्टी की.

गौर हो कि कांवड़ मेले के दौरान भोले भक्त भारी संख्या में हरिद्वार पहुंच रहे है. किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या ना हो इसके लिए हरिद्वार में कई विशेष मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। वहीं ऐसे ही एक कैंप पुलिस प्रशासन ने भी लगया है जिसमें डीएम दीपक रावत भी पहुंचे। बस फिर क्या था घायल को देख डीएम दीपक रावत डॉक्टर बन गए और घायल कांवड़िये के पैर में खुद ही मरहम-पट्टी करने लगे।

दरअसल शनिवार को होटल अलकनंदा के पास कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया था, जो कि पुलिस प्रशासन द्वारा किया गया थी जिसमें एम्स हॉस्पिटल के चिकित्सकों को बुलाया गया था. इस शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपक रावत ने किया। इसके बाद जैसे ही दीपक रावत ने घाय कांवड़िये को देखा तो वह डॉक्टर की जिम्मेदारी निभाते दिखे उन्होंने खुद कांवड़िये की मरहम पट्टी की.

आपको बता दें इस शिविर में आकस्मिक स्थिति में आने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए दो बेड, इसीजी मशीन और गंभीर घायलों को रेफर करने के लिए एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गयी है। इस दौरान जिलाधिकारी दीपक रावत समेत कई प्रशासनिक औऱ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.





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