देहरादून- एक ओर जहां पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे ने प्रदेश के सभी प्रधानों के कामों की एसआईटी जांच कराने का फैसला किया औऱ सीएम ने फाइल में दस्तखत किए. इससे प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों में आक्रोश है. उनका आरोप है कि उनकी छवि को खराब करने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है साथ ही उनको चोर साबित करने का काम सरकार कर रही है. साथ ही उन्होने सरकार पर केवल ग्राम प्रधानों को ही परेशान करने का आरोप लगाया.

प्रेसवार्ता का आयोजन

वहीं उत्तराखंड ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत संगठन के महामंत्री रितेश जोशी ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया औऱ आक्रोश जताते हुए कहा की पंचायती राज मंत्री के द्वारा ग्राम प्रधानों और पंचायतों पर एसआईटी जांच द्वेष की भावना से की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान और पंचायतों को विकास कार्य करने में बाधा उत्पन्न होती है। साथ ही प्रधानों ने 28 तारीक को प्रदेश व्यापी बैठक का आयोजन करने की जानकारी दी औऱ उसके बाद अगर मांग नहीं मानी गई तो प्रदेशव्यापी हड़ताल करने की चेतावनी सरकार को दी.

ग्राम प्रधानों का आरोप, निधि के द्वारा किए गए कार्यों पर कोई नहीं की जाती एसआईटी की जांच 

ग्राम प्रधानों का आरोप है कि सांसद और विधायकों के अपने क्षेत्र में निधि के द्वारा किए गए कार्यों पर कोई एसआईटी की जांच नहीं की जाती…उन्होंने कहा कि इससे साफ लगता है कि केवल ग्राम प्रधानों पर ही सरकार की नजर हैं…

ग्राम पंचायत संगठन के महामंत्री रितेश जोशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एसआईटी जांच का फैसला वापस नहीं ली गई तो ग्राम प्रधानों को मजबूरन होकर सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ेगा औऱ आंदोलन करना पड़ेगा.





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