जेल और कैदी का नाम सुनते या देखते ही आते ही सामने सूखी-जली रोटी, पानी-पानी दाल और प्याज के साथ मटके का पानी, पुलिस की पिटाई, कालकोठरी जैसा कमरा और चारों तरफ लंबी-लंबी दीवारें ही तस्वीरें ही आतीहैं. लेकिन भारत में एक अनोखी जेल ऐसी है जहां कैदी बड़े मजे से सजा काट रहे हैं।

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक खुली जेल है जहां कैदियों को अलग अपार्टमेंट मिले हैं

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक खुली जेल है जहां कैदियों को अलग अपार्टमेंट मिले हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक हर अपार्टमेंट में दो कमरे हैं। यही नहीं वे यहां अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। और तो और उन्हें जेल के बाहर जाकर घूमने-फिरने और काम करने की भी आजादी मिली है।

वर्तमान में जेल में दस कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं

इस जेल का नाम अहिल्या बाई ओपन कॉलोनी है। जेल की सुपरिटेंडेंट अदिती चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान में जेल में दस कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। वे सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बाहर जा सकते हैं और काम कर सकते हैं।’ भारत में वैसे तो कई खुली जेल है, मगर यह पहली जेल है जहां कैदियों को ना सिर्फ बाहर आने जाने की अनुमति है बल्कि परिवार के साथ रहने की भी सुविधा दी जा रही है।

भूपेंद्र सिंह खून करने के अपराध में पिछले 12 सालों से सलाखों के पीछे

जेल में रह रहे भूपेंद्र सिंह खून करने के अपराध में पिछले 12 सालों से सलाखों के पीछे हैं। इस दौरान उन्हें कई अलग-अलग जेलों में रखा गया। मगर इंदौर की इस खुली जेल में शिफ्ट होने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं जेल से रिहा हो गया हूं। जिंदगी सामान्य हो गई है। मैं चाय का ठेला लगाउंगा और पैसे कमाउंगा।

अहिल्या बाई ओपन कॉलोनी में रहने का मौका सिर्फ चुनिंदा कैदियों को ही मिलता है

अहिल्या बाई ओपन कॉलोनी में रहने का मौका सिर्फ चुनिंदा कैदियों को ही मिलता है। जिन कैदियों को उम्रकैद की सजा मिली हो, मगर अच्छे व्यवहार की वजह से उनकी सजा कम कर दी गई हो और वे दो-तीन साल में रिहा होने वाले हैं, उन्हें यहां शिफ्ट किया जाता है। अपराधियों को बेहतर नागरिक बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई है।





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