अन्य गैर आबाद गांव भी इसी मॉडल पर होंगे आबाद
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
नयी दिल्ली : राज्य सभा सांसद  अनिल बलूनी द्वारा बौररगांव, विकासखंड यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल को अंगीकृत करने पर अब ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का भी साथ मिला है। विभाग के राज्य मंत्री रामकृपाल यादव ने रविवार को सांसद बलूनी को विश्वास दिलाया कि वे निर्जन गांव को पुनः बसाने का स्वागत करते हैं और इस प्रयास के लिए वे उनकी प्रशंसा भी करते हैं।
मंत्रालय गोद लिए गए गांव में रिवर्स पलायन में मदद करेंगे
गौरतलब हो कि बलूनी ने बीती शुक्रवार को पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकास खंड के बौर गांव गोद लेने की घोषणा के बाद केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बलूनी के फैसले के समर्थन में ट्वीट कर आश्वस्त किया है कि उनके मंत्रालय गोद लिए गए गांव में रिवर्स पलायन में मदद करेंगे। राज्यसभा सांसद बलूनी  की इच्छा सूबे के अन्य गैर आबाद गांवों को भी इसी मॉडल पर आबाद करने की है। उनकी इस पहल पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट कर बलूनी को बधाई देते हुए कहा था कि मंत्रालय की ओर से बौर गांव में कॉल सेंटर और सामुदायिक सेवा केंद्र (सीएससी) खोलकर वहां रोजगार की संभावनाएं तलाशेगा।
कृषि राज्य मंत्री शेखावत का बलूनी के फैसले को मिला समर्थन 

वहीं बलूनी की इस घोषणा पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने दो ट्वीट किए और कहा कि उन्होंने  पुनर्वासन के प्रयास के तहत गैर आबाद गांव को गोद लेने पर बलूनी का साधुवाद किया। अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय जल्द ही बौर गांव के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करेगा। इस टीम को बौर गांव में भेजा जाएगा जो वहां कृषि, बागवानी, पुष्प कृषि की संभावनाओं का पता लगाएगी। गांव की मिट्टी की जांच भी करेगी। 

ग्रामीण विकास मंत्रालय के राजयमंत्री श्री यादव ने कहा कि गांव बढ़े और फले -फूले, ऐसी उनकी कामना है। बौर गांव के विकास हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जो भी अपेक्षित आवश्यकता होगी हर संभव की जाएगी । केंद्रीय मंत्री के आश्वासन से गांव के पुनर्जीवन में निसंदेह तेजी आएगी ।

सांसद बलूनी ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि निसंदेह इससे उत्तराखंड में तेजी से हो रहा पलायन रुकेगा और विभागीय सहयोग से मूलभूत सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलेगा। साथ ही रोजगार सृजन के गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
 श्री बलूनी ने कहा कि पूर्व में केंद्रीय संचार व प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी ने भी अपने मंत्रालयों के माध्यम से बौरगांव के विकास हेतु आश्वासन दिया है और वे उपरोक्त सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
पौड़ी जिले में हैं सबसे ज्यादा गैर आबाद गांव
पलायन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में पौड़ी जिले में सबसे अधिक 186 गैर आबाद गांव हैं। जिले में 182 ऐसे गांव हैं जहां 50 फीसदी आबाद पलायन कर चुकी है। इनके अलावा 77 गैर आबाद गांवों के साथ बागेश्वर दूसरे और 75 गांवों के साथ पिथौरागढ़ तीसरे स्थान पर है। अल्मोड़ा में 57 गांव गैर आबाद है।

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