देहरादून- टिहरी और देहरादून की सीमा पर लोहरका गांव में बनी कृत्रिम झील से ग्रामीणों में दहशत का माहौल अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. बीती 14 तारीख को लोहरका गांव में जबरदस्त पहाड़ से भूस्खलन हुआ था पूरा पहाड़ ही नीचे आ गया था. जिससे कि नीचे बह रहा बरसाती नाला झील में तब्दील हो गया  और वहां पर धीरे-धीरे एक विशाल झील आकार ले लिया।

बारिश से लगातार बढ़ती जा रही लोहरका गांव में बनी कृत्रिम झील 

लगातार हो रही बारिश से लोहरका गांव में बनी कृत्रिम झील लगातार बढ़ती जा रही है और अभी तक तकरीबन 500 मीटर से ज्यादा के दायरे में यह झील फैल गई है। वहीं दूसरी ओर लगातार भारी बारिश से पानी इस झील में  आ रहा है. साथ ही झील के ऊपर पहाड़ से भी लगातार लेंड स्लाइड हो रहा है।

पहाड़ी से भूस्खलन या झील के कटाव के कारण उनके घर बह न जाए-ग्रामीण

ऐसे में ग्रामीणों को ही नहीं बल्कि निचले इलाकों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है. झील के किनारे बसे परिवारों को अब हर पल डर लग रहा है कि कहीं पहाड़ी से भूस्खलन हो या फिर झील के कटाव के कारण उनके घर बह न जाए. लिहाजा ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना है तो वहीं दूसरी ओर पर्यटक भी इस झील को देखने के लिए उमड़ रहे हैं और झील कोतूहल का विषय भी बनती जा रही है।

हमें कहीं अन्य जगह शिफ्ट करवाया जाए-ग्रामीण

वहीं खौफ के साए में जी रहे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कहीं अन्य जगह शिफ्ट करवाया जाए क्योंकि पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन और नीचे बन रही झील से उन्हें भारी डर लग रहा है क्योंकि हल्की ही बारिश से पूरा पहाड़ दरकने लगता है और झील का स्तर भी लगातार बढ़ता रहता है…. ऐसे में मकान के नीचे नीचे के हिस्से में भी दरारें पड़ने अब शुरू हो गई है लिहाजा ग्रामीण अब डरे  हुए हैं और अपनी विस्थापन की मांग करने लगे हैं।





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