शराबबंदी के बाद बिहार के चूहे शराबी हो गए हैं। पहली बार उन्होंने नौ लाख लीटर शराब गटक ली थी और अब एक बार फिर से उन्होंने शराब पी ली है। इस बार मामला कैमूर जिले का है जहां जब्त शराब को नष्ट करने के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि चूहों ने शराब के स्टॉक में सेंधमारी की है।

चूहों ने पी दस हजार की शराब

दरअसल कैमूर जिले में शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी जिसमें जब्त शराब जो भभुआ के माल गोदाम में रखी गई थी, उसे नष्ट किया जाना था। ये शराब 2016 से लेकर अब तक उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करों से जब्त की थी। लेकिन  सोमवार को जब शराब को नष्ट किया जा रहा था तो जब्त शराब और नष्ट शराब की कीमत में 10 हजार रुपये का अंतर पाया गया। जिसके बाद खुलासा हुआ कि स्टोरेज से कुछ शराब चूहे पी गए।

बता दें कि सोमवार को जिला प्रशासन ने 30 लाख रुपए की 11 हजार लीटर शराब को नष्ट किया है। डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में रोलर से शराब नष्ट की गई, जिसमें देशी, विदेशी शराब के साथ बियर भी थी। लेकिन जब्त शराब और नष्ट की गई शराब की बोतलों में अंतर पाया गया तो जवाब मिला कि चूहों ने शराब पी ली है।

चूहों के शराब पीने के बारे में जब एसडीएम कुमारी अनुपम सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शराब के कार्टन को नष्ट कर दिया गया है और इसका भौतिक सत्यापन चल रहा है कि चूहों ने कितनी शराब पी है। जांच के बाद ही पूरी स्थिति का पता चल सकेगा।

वहीं उत्पाद अधीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि उत्पाद विभाग द्वारा जब्त शराब को गोदाम में रखा गया था।जिसमें से करीब 10 हजार रुपये के कीमत की शराब को चूहों ने नष्ट कर दिया है। उनका कहना था कि जो शराब बोतल से लीक हो जाती है उसे ज़्यादातर चूहे नष्ट कर देते हैं।

पिछले साल तो चूहों ने नौ लाख लीटर शराब पी थी

बता दें कि इससे पहले साल 2017 में भी बिहार के चूहों ने नौ लाख लीटर शराब पी ली थी और इसका खुलासा खुद बिहार पुलिस ने किया था जिसके बाद ये मामला सुर्खियों में आ गया था।

थानेदार से पूछा कि शराब कम क्यों हो रही है?

दरअसल शराबबंदी के बाद पुलिस ने कई बार शराब जब्त की थी और शराब अलग-अलग थाने में रखी गई थी। जांच के दौरान एसएसपी मनु महाराज को लगा कि जब्त शराब की मात्रा कम हो रही है तो उन्होंने एक थानेदार से पूछा कि शराब कम क्यों हो रही है? एसएसपी के इस सवाल के बाद थानेदार ने जवाब दिया कि साहब वो तो चूहे पी जा रहे हैं। थानेदार के जवाब के बाद एसएसपी मनु महाराज ने जांच के आदेश दिया था।





See More

 
Top