देहरादून : कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन हमेशा से महिलाओं को स्तन कैंसन जैसी गंभीर बिमारी के लिए जागरुक करते आया है वहीं एख बार फिर कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन ने दो दिन 28 व 29 अक्टूबर को लगातार 48 घंटे का स्तन कैंसर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर अग्रवाल धर्मशाला देहरादून में आयोजित किया जा राह है. इस शिविर में 3000रूपये का आधुनिक थर्मो मैमोग्राफी मशीन द्वारा स्क्रीनिंग टेस्ट चिकित्सकों की देखरेख में निशुल्क की जा रही है. शिविर का शुभारम्भ व्हीजल फार्मा के डायरेक्टर विभोर गुप्ता, अलकनंदा अशोक, साधना जयराज, मीनाक्षी अग्रवाल और कैन प्रोटेक्ट की अध्यक्षा डॉ सुमिता प्रभाकर द्वारा किया गया।

महिलाएं अपनी समय-समय पर करवाएं जाँच-डॉ सुमिता प्रभाकर 

डॉ सुमिता प्रभाकर ने बताया की स्तन कैंसर के बढ़ रहे खतरों को देखते हुए यह बहुत जरुरी है कि लोगों को स्तन कैंसर के बारे में बताकर जागरूक किया जाये और बचाव के बारे में बताया जाएँ. डॉ सुमिता प्रभाकर ने बताया की स्तन कैंसर का जितना जल्दी पता चलेगा सफल इलाज की सम्भावना भी उतनी ही अधिक होती है। स्तन कैंसर का जल्दी पता तभी चल सकता है जब महिलाएं अपनी समय-समय पर जाँच करवाएं और यही काम कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन कर रहा है।

भारत में हर 8 मिनट में स्तन कैंसर से हो रही एक महिला की मृत्यु

आपको बता दें भारत में हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु स्तन कैंसर से हो रही हैं इसलिए यह जरुरी है कि स्तन कैंसर के बारे में अधिक से अधिक लोगो को जागरूक किया जाएं।

1400 महिलाओं की जांच की गयी निशुल्क

स्तन कैंसर जागरूकता महीने अक्टूबर में कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन ने इस एक महीने में 17 निशुल्क स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया जिनमे 1400 महिलाओं की जांच निशुल्क की गयी. अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित स्क्रीनिंग शिविर 28 और 29 अक्टूबर को दो दिन चलेगा. शिविर में देर रात तक स्क्रीनिंग की सुविधा दी जाएगी.

28 अक्टूबर के स्क्रीनिंग शिविर में 423 महिलाओं की निशुल्क जाँच

वहीं आपको बता दें आज यानी 28 अक्टूबर के स्क्रीनिंग शिविर में 423 महिलाओं की निशुल्क जाँच की गयी एवं डॉ सुमिता प्रभाकर द्वारा महिला स्वास्थ एवं स्तन कैंसर विषय पर एक हेल्थ टॉक भी दी गयी। शिविर में आयी महिलाओं को स्वयं स्तन परिक्षण की ट्रैनिंग भी दी गयी।

आशा की किरण अवार्ड

इस कार्यक्रम में आशा की किरण अवार्ड भी दिए गए. आशा की किरण अवार्ड अलकनंदा अशोक, साधना जयराज, ज्योति गुलाटी, नीता गर्ग को प्रदान किये गए. डॉ सुमिता प्रभाकर ने बताया की आशा की किरण अवार्ड उन महिलाओं की दिए जाते है जो समाज में अपने प्रभाव से और अधिक महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक कर सके, इसलिए यह सिर्फ एक अवार्ड ही नहीं बल्कि कैंसर रोकथाम एवं जागरूकता की एक बढ़ी ज़िम्मेदारी भी है।





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