देहरादून : एक तरफ मोदी औऱ राज्य की त्रिवेंद्र सरकार महिला सुरक्षा और बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं का दावा करती है…हर कार्यक्रम में खड़े होकर इसी तरह का भाषण देने से पीछे नहीं रहती लेकिन क्या कभी सरकार, सरकार के मंत्रियों ने इसकी जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की कि बहूू बेटियां किस हाल में है…वो तो छोड़िए उत्तराखंड पुलिस को मित्र पुलिस के नाम से पुकारा जाता है और जनता का रक्षक कहा जाता है लेकिन ये बच्ची औऱ बुढ़िया अम्मा रो रोकर जो दर्द बयां कर रही है…उससे साफ कहा जा सकता है कि स्मार्ट सिटी में खुलेआम गुंड़ागर्दी होने लगी है.

बूढ़ी अम्मा की पिटाई

जी हां ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जो देहरादून के गोविंदगढ़ के प्रकाशनगर का बताया जा रहा है। वीडियो एक लड़की द्वारा बनाया गया है जिसमें बूढ़ी अम्मा रो रोकर अपने दर्द बयां कर रही है. जिसमें बूढ़ी अम्मा कह रही है कि वकील उन्हे उनके घर में शौचालय तक नहीं बनाने दे रहे हैं जबकि वह उनकी खुद की जमी है. वीडियो में बूढ़ी अम्मा बता रही है कि उनकी खूब पिटाई भी की गई.जिसमें वकील और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं.

घर में घुसकर बेटियों से छेड़छाड़, पुलिस बनी गुंगी

इस वीडियो को देखकर साफ कहा जा सकता है कि बेटियां-औरतें और यहां तक की बूढ़ी औरतें भी सुरक्षित नहीं है….खुलेआम घर में घुस कर महिलाओं से बेटियों से बद्दतमीजी की जाती है लेकिन पुलिस गुंगी बनी है.

देवभूमि को किया शर्मसार करने का काम 

अगर लड़की और बूढ़ी अम्मा द्वारा लगाए गए आरोप सच हैं तो जरुर उन दरिंदों पर कार्रवाही होनी चाहिए जिन्होने देवभूमि को शर्मसार करने का काम किया और  सरकार को बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम करने चाहिए…वहीं पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं ऐसे में पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. अगर मित्र पुलिस कहलायी जाने वाले वर्दी धारी अगर बेटियों की सुरक्षा औऱ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें कोई हक नहीं है वर्दी पहनने का.





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