राफेल लड़ाकू विमानों की जंग को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के द्वार पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी दसॉ के साथ ऑफसेट अनुबंध को हटाकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के भविष्य का अपमान किया है, कष्ट पहुंचाया है और उसे तबाह कर दिया है. एचएएल के करीब 100 पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों के साथ घंटे भर चली बातचीत में राहुल ने निजी कंपनी की विश्वसनीयता और अनुभव पर भी सवाल उठाया, जिसे 30 हजार करोड़ रुपये का ऑफसेट अनुबंध हासिल हुआ है.

राहुल गांधी ने कहा कि एचएएल, इसरो और डीआरडीओ जैसे संस्थान आधुनिक भारत के मंदिर हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार में संलिप्त मोदी सरकार द्वारा नष्ट किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “सरकार में एक बहुत वरिष्ठ व्यक्ति ने एचएएल की क्षमता को लेकर सवाल उठाया. मैंने उनसे पूछा कि अनिल अंबानी की कपंनी की क्षमता क्या है, जिसे अनुबंध हासिल हुआ है? इस व्यक्ति का एयरोनॉटिक्स में क्या अनुभव है? एचएएल की क्षमता हम सभी के सामने है. आपने एचएफ-24, मिग, सुखोई और तेजस का निर्माण किया है. सार्वजनिक क्षेत्र इस देश और रक्षा क्षेत्र की रीढ़ है.”

उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह से हास्यास्पद है कि एचएएल के पास अनुभव नहीं है. इसके उलट जिस व्यक्ति को अनुबंध मिला है, उसके पास शून्य अनुभव है.

उन्होंने कहा, “क्या एचएएल पर कर्ज है? नहीं. लेकिन जिस व्यक्ति को अनुबंध मिला है उस पर 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है.”

राहुल ने कहा, “आप एकमात्र ऐसी कंपनी हैं, जिसके पास उस विमान (राफले) को बनाने के लिए आवश्यक अनुभव है. आप वे लोग हैं, जिन्होंने तेजस, मिग, सुखोई का निर्माण किया है. कोई कैसे कह सकता है कि आपके पास अनुभव नहीं है? आपका भविष्य चौपट करने की कोशिश कर रही ताकतें काफी शक्तिशाली हैं, फिर भी हमें अपनी लड़ाई जारी रखनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि एचएएल और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बचाने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है.

राहुल ने कहा, “मैं एक संदेश देने आया हूं कि हम आपके भविष्य की रक्षा करने जा रहे हैं. हम आपके अधिकारों के लिए लड़ने जा रहे हैं. राफेल आपका अधिकार है. निर्णय (ऑफसेट अनुबंध देने के लिए) केवल योग्यता पर किया जाना चाहिए. दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं जो एचएएल से योग्यता के आधार पर ऑफसेट अनुबंध लेने का निर्णय ले सके.”

उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस केंद्र की सत्ता में आती है तो हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि एचएएल को विमान बनाने के लिए और अधिक ऑर्डर मिलें. हम इस सरकार या किसी को भी एचएएल को नष्ट करने या उससे ऑर्डर छीनने की अनुमति नहीं देंगे.”

राहुल ने एक परिपत्र (सर्कुलर) का उल्लेख करते हुए कहा, “प्रबंधन सरकार के दबाव में है, लेकिन हम भी आपके लिए लड़ रहे हैं.” परिपत्र में कर्मचारियों को राहुल गांधी से बातचीत करने से दूर रखने का निर्देश दिया गया था.

कांग्रेा अध्यक्ष ने कहा, “मैं यहां आपसे यह सुनने के लिए आया हूं कि इस सामरिक संपत्ति (एचएएल) को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है और आप जिन कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उनका समाधान कैसे हो सकता है? विपक्ष में होने के बावजूद हम इन परेशानियों को दूर करने की कोशिश करेंगे.”

राहुल ने एचएएल कर्मचारियों से कहा कि देश के लिए आपने जो काम किया है, वो शानदार है. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने के लिए भारत एचएएल के कर्मचारियों का आभारी है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह आईआईटी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश के की प्रीमियम संस्था है, वैसे ही एयरोस्पेस के क्षेत्र में एचएचएल का स्थान है. उन्होंने कहा कि एचएएल ने देश में वैज्ञानिक सोच का निर्माण किया है.





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