• -मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ किया केदारनाथ का दौरा 
  • – सोमवार को बंद होंगे तृतीय केदार मदमहेश्वर के कपाट
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
रुद्रप्रयाग । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शासन से लेकर प्रशासन स्तर पर हलचल शुरू हो गयी है। पीएम मोदी नवम्बर प्रथम सप्ताह में केदारनाथ दौरे पर आयेंगे, जिसको लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ रविवार को केदारनाथ का जायजा लिया। 
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले वर्ष दो बार केदारनाथ दौरे पर आये थे। उस दौरान उन्होंने केदारनाथ में घोषणाएं की थी, उनकी घोषणाओं में तीन पर कार्य पूरा हो गया है। जबकि अन्य घोषणाओं पर कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस बार पीएम मोदी कपाट बंद होने से पूर्व केदारनाथ दौरे पर आ रहे हैं और संभवतः माना जा रहा है कि दीपावली पर्व के समय मोदी धाम में आयेंगे। ऐसे में शासन से लेकर प्रशासन स्तर पर तैयारियां शुरू की गयी है। रविवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार प्रातः साढ़े नौ बजे के करीब केदारनाथ पहुंचे और उन्होंने धाम में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
केदारनाथ पहुंचे सीएस उत्पल कुमार ने वीआईपी हैलीपैड के निकट बने जल संस्थान के पेयजल टैंक का निरीक्षण किया। इस टैंक की चारों तरफ से पत्थरों से मरम्मत कर उसे वास्तविक रूप दिये जाने के लिए जल संस्थान को निर्देश दिये। साथ ही वीआईपी हैलीपैड पर लघु मरम्मत कार्य एवं बनाये गये ‘एच’ को पेंट करने तथा हैलीपैड से मंदिर तक पहुंच पैदल मार्ग की जगह-जगह पर मरम्मत कराने व रेलिंग को पेंट करने के लिए डीडीएमए के अधिकारियों से कहा।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के लिए केदारनाथ मंदिर परिसर में बैरिकेटिंग उचित दिशा में कराये जाने, सम्पूर्ण मंदिर परिसर एवं आगे-पीछे साफ-सफाई कराये जाने के लिए संबंधित विभागों को कहा। गोल चबूतरे से मंदिर तक पचास फिट चैड़े पैदल मार्ग की पूर्ण रूप से साफ-सफाई करवाने एवं वीवीआईपी के लिए मार्ग पर मैंटिंग लगाने एवं व्यू कटर स्थापित किये जाने तथा गोल चबूतरे पर डीडीएमए द्वारा किये जा रहे कार्यों में इस स्थान पर तत्काल लैण्ड स्केपिंग एवं अन्य अवशेष कार्य 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने को कहा।
सीएस ने गोल चबूतरे की बांयी ओर से सिंचाई विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।यहां पर स्पाॅट काफी ऊबड़-खाबड़ पाये जाने पर मुख्य सचिव ने इस स्थल का सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मिट्टी तथा पत्थरों से भराव करने के निर्देश दियें सिंचाई विभाग द्वारा मंदाकिनी नदी तट पर एवं जेएसडब्लू गु्रप द्वारा सरस्वती नदी तट पर किये जा रहे घाट, सुरक्षा दीवार, रास्तों आदि कार्यों को 31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने को कहा। वर्ष 2013 की दैवी आपदा से वास आउट हुए केदारनाथ से गरूड़चट्टी पैदल मार्ग पर एटीवी संचालन के लिए तत्काल कार्य करने को कहा।
मंदाकिनी नदी के ऊपरी तरफ पहाड़ी पर साधुओं की साधना के लिए डीडीएमए द्वारा तैयार की गई एक गेरूआ रंग का झण्डा लगाने के लिए डीडीएमए को निर्देश दिये, ताकि गुफा बर्फ से ढकने एवं मौसम खराब होने की दशा में मंदिर परिसर से ही गुफा की लोकेशन प्राप्त हो सके। मुख्य सचिव ने वीआईपी हैलीपैड से जीएमवीएन के अतिथि गृह तक पैदल मार्ग पर पड़ने वाले विद्युत के पोलों को सही करने एवं बिजली की तारों अथवा केबिल को भूमिगत करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दियेे, ताकि बर्फबारी होने की दशा में केदारनाथ धाम में विद्युत आपूर्ति बाधित न हो और कोई जान-माल की घटना न हो।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में तैनात मीडिया कर्मियों के उपयोगार्थ मंदिर के समीपस्थ किसी उपयुक्त स्थल पर मीडिया गैलेरी, वीआईपी मंच, पाण्डाल का भी निर्माण कराये जाने के 

लिए जिलाधिकारी, डीडीएमए एवं अन्य विभागों को निर्देश दिये। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक, सचिव वित, सचिव ऊर्जा, सचिव पेयजल, प्रबन्ध निदेशक जीएमवीएन, पुलिस
 महा निरीक्षक, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग, पुलिस अधीक्षक, नोडल अधिकारी, उप जिलाधिकारी, केदारनाथ, मुख्य अभियंता लोनिवि, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, जल संस्थान, लोनिवि, सिंचाई, विद्युत सहित जेएसडब्लू ग्रुप एवं एनआईएम के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 
रुद्रप्रयाग । पंच केदारों में तृतीय केदार के नाम से विख्यात भगवान तुंगनाथ  के कपाट सोमवार सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर शीतकाल के लिए बन्द किये जायंेगे। जानकारी देते हुए मन्दिर के प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि कपाट बन्द होने से पूर्व भगवान तुंगनाथ के स्वयभू लिंग को समाधि दी जायेगी तथा सुबह परम्परा अनुसार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बन्द कर दिये जायेगे। उन्होंने बताया कि कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने धाम से रवाना होकर विभिन्न यात्रा पडावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी। 




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