जम्मू कश्मीर में आतंकियों के हमले में शहीद हुए उत्तराखंड के राजेंद्र का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर पिथौरागढ़ पहुंचने पर क्षेत्र का माहौल गम में हो गया. इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और सेना के जवानों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की.

राजेंद्र सिंह गंगोलीहाट तहसील के बुंगली क्षेत्र के मूल निवासी थे. राजेंद्र ने तीन साल पहले ही आर्मी ज्वाइन की थी. इकलौते पुत्र की शहीद होने सूचना से मां-पिता सदमे में है. छोटी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

जम्मू कश्मीर में गुरूवार को सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया. वहीं इस दौरान लोगों ने सेना पर पथराव शुरू कर दिया. जिसमे जवान राजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां शुक्रवार को वह शहीद हो गए.

23 वर्ष के राजेंद्र के सीमा पर शहीद होने की जानकारी मिलते ही बुंगली क्षेत्र में शोक की लहर है. शहीद के पिता चंद्र सिंह गांव में ही खेतीबाड़ी कर आजीविका चलाते है. मां मोहिनी देवी गृहणी है. तीन बहनों के इकलौते अविवाहित भाई राजेंद्र की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है. दो छोटी बहन की जिम्मेदारी राजेंद्र के कंधों पर ही थी.





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