देहरादून : विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायाकों के द्धारा विधायक हाॅस्टल की दयनीय स्थिति का मामला सदन के भीतर उठाया गया था, जिसे सदन की कार्यवाही के दौरान विधान सभा अध्यक्ष ने गंभीरता से लेते हुए सरकार को विधायक हाॅस्टल की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज विधानसभा अध्यक्ष ने खुद विधायक हाॅस्टल का अचैक निरीक्षण किया जिस दौरान कई अव्यवस्थाएं इस दौरान उन्हे मिली।

कांग्रेस विधायक मनोज रावत ने उठाया था विधायक हाॅस्टल की खस्ता हालत का मामला

उत्तराखंड की जनता ने जिन विधायकों को अपनी समस्याओं को उठाने के लिए विधान सभा तक भेजा है ,उन्ही विधायकों को देहरादून के विधायक हाॅस्टल में कई समस्याओं से जूझना पड़ता…है,जी हां ये हम नहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के द्धारा कही जाती,विधान सभा सत्र के दौरान जब कांग्रेस विधायक मनोज रावत ने विधायक हाॅस्टल की खस्ता हालत का मामला उठाया तो कांग्रेस के तमाम विधायक इस मामले को लेकर सरकार पर हावी होगी. सरकार की किरकिरी देख बीजेपी के विधायक सदन के भीतर कुछ नहीं बोले लेकिन आज जब विधान सभा अध्यक्ष विधायक हाॅस्टल का निरीक्षण करने आए तो बीजेपी विधायक महेश नेगी ने अव्यवस्था को लेकर खूब हंगामा किया और कई समस्याओं से विधान सभा अध्यक्ष को अवगत कराया. वहीं बीजेपी विधायक पूरन सिंह फत्र्याल ने भी विधायक हाॅस्टल में कई खामियां होने की बात कही।

कई अधिकारियों का किया ट्रांंसफर, ठेकेदार का टेंडर निरस्त

विधायक हाॅस्टल का अचैक निरीक्षण की भनक जैसे ही राज्य सम्पति विभाग के अधिकारियों को लगी,विभाग के कई कर्मचारी विधायक हाॅस्टल पहुंच गए…वहीं विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के साथ निरीक्षण के दौरान अपर मुख्यसचिव ओम प्रकाश भी मौजूद रहे. जिन्होने विधायक हाॅस्टल की खस्ता हाल के लिए व्यवस्था अधिकारी रविंद्र पाण्डेय को 6 माह कौसानी भेजने के निर्देश दिए तो, सफाई व्यवस्था की बदहाली के लिए ठेकेदार को टेंडर निरस्त करने के साथ ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए…साथ ही 10 नए कमरों का गेस्ट हाउस बनाने की बात कही साथ ही 50 नए डोर मैट्री बेड बनाने की बात विधानसभा अध्यक्ष के समाने रखी।

सफाई व्यवस्था पूरी तरह हाॅस्टल में बदहाल- विधानसभा अध्यक्ष

वहीं निरीक्षण के दौरान खामियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह हाॅस्टल में बदहाल है, जिसमें सुधार की जरूरत है,साथ ही जिन मानकों के तहत विधायकों को सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है।

कुल मिलाकर जहां हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता मिशन का सपना संजोए हुए है,वहीं उत्तराखंड के विधायक हाॅस्टल में फैली गंदगी अपने आप में एक सवाल भी खड़ा करती है कि जिस पार्टी के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का सपना देख रहे हो और उसी पार्टी की प्रदेश में सरकार होने के बाद विधायको को विधायक हाॅस्टल में फैली गंदगी के लिए सदन में आवाज उठानी पड़ रही है।

मीडिया के सवाल का दिया ये जवाब

विधायक हाॅस्टल के निरीक्षण के दौरान जहां विधान सभा अध्यक्ष को कई खामियां विधायक हाॅस्टल में नजर आई. विधायक हाॅस्टल परिसर में विधान सभा अध्यक्ष को शराब की बोतलों के रैपर और सिगरेट भी नजर आए जिसे उन्होने नजर अंदाज कर दिया है,हांलाकि जब विधायक हाॅस्टल परिसर के भीतर शराब के रैपर निरीक्षण में पाए जाने को लेकर मीडियाकर्मियों के द्धारा सवाल किया गया तो विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की जीचें विधायक हाॅस्टल परिसर के भीतर नहीं आएंगी इसे आगे से ध्यान रखा जाएगा.





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