एअर एंबुलेंस के दावे करने वाली उत्तराखंड सरकार के पास जमीन पर चलने वाली एंबुलेंस में डीजल भरवाने के लिए पैसे नहीं है। हालात ये हैं कि डीजल न होने की बीमार लोगों समय से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहें हैं और उनकी मौत हो जा रही है।

ऐसा ही एक वाक्या पिथौरागढ़ के बेड़ीनाग में सामने आया है। यहां डीजल न होने से 108 एंबुलेंस एक बीमार को हायर सेंटर नहीं ले जा पाई और उसकी मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक कमस्यार घाटी के नरगोली गांव का रहने वाले विजय रौतेला की तबीयत बुधवार की रात एकाएक बिगड़ गई। गांव के लोग उसे पास के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र ले गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मरीज की गंभीर हालत देखकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने हायर सेंटर ले जाने के लिए 108 सेवा को फोन किया। पता चला एंबुलेंस में डीजल न होने से वो मरीज को नहीं ले जा सकती। परिजनों ने अपने पैसे से गाड़ी में डीजल डलवाने की पेशकश की लेकिन 108 सेवा वाले तैयार नहीं हुए।

इसके बाद ग्रामीण जीप से मरीज को लेकर अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए। यहां भी रास्ते में ग्रामीणों ने एंबुलेंस की मांग की लेकिन लंबी दूरी बताकर 108 एंबुलेंस सेवा देने से मना कर दिया गया।

इसी दौरान विजय की जीप में ही मौत हो गई। ग्रामीण उसके शव को लेकर वापस आ गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सरकार को लेकर खासी नाराजगी है। 108 सेवा की खस्ताहालत के लिए लोग त्रिवेंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहें हैं।





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