जांच रिपोर्ट र पक्ष में बनाने के लिए पैसों की मांग की थी.
दरअसल आरोप है कि नायब तहसीलदार ने रायवाला ग्राम प्रधान राखी से हरे पेड़ की नीलामी की जांच रिपोर्ट राखी के पक्ष में बनाने के लिए पैसों की मांग की थी. जो उनको नगवार गुजरी और राखी ने इसकी शिकायत देहरादून डीएम और विजिलेंस टीम को की. इसके बाद विजिलेंस टीम ने नायब तहसीलदार को गिरफ्तार किया.  आपको बता दें तहसीलदार ग्राम रसूलपुर, विकासनगरस देहरादून निवासी है.
ये है मामला
शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम सभा रायवाला में उन्होंने साल 2014 में एक प्रस्ताव पास कर कुछ हरे पेड़ों की सार्वजनिक नीलामी कर दी थी. नीलामी के पैसे ग्राम सभा के खाते में भी जमा करवा दिए थे. बावजूद इसके ग्राम सभा के एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत उप जिलाधिकारी से की थी, जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी. क्लीन चिट मिलने के बाद भी फिर उसी मामले की शिकायत की गई. इस बार जांच नायाब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान कर रहे थे. ग्राम प्रधान रायवाला को मामले में दोबारा क्लिन चीट देने के एवज में करीब पचास हजार की रिश्वत की डिमांड की.
जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत की औऱ विजिलेंस की टीम ने उन्हे गिरफ्तार किया.




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