• एक जमाने में देश -दुनिया तक मशहूर रहा विल्सन एप्पल
  • स्थानीय सेब के उत्पादकों ने अब सेब की नयी पौध को यहां लाकर किया रोपित 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : उत्तरकाशी जिले में हर्षिल के सेब को देश -दुनिया में नर्इ पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन उत्तरकाशी और क्षेत्र के विधायक गोपाल रावत के प्रयासों से हर्षिल में आयोजित ”एप्पल फेस्टिवल” आयोजित किया गया। गंगा घाटी के सुरम्य स्थान हर्षिल में सेब से बनाये गए कर्इ उत्पाद पेश किए गए। इन उत्पादों का यहां इसलिए प्रदर्शन किया गया ताकि स्थानीय लोग सेब के महत्व कोसमझ सकें और इस पर आधारित उद्योग यहां लगा सकें। उत्तरकाशी के हर्षिल में आयोजित स्थानीय सेब से उत्तराखंड के अन्य पर्वतीय जिलों को भी सीख लेनी होगी जहां अन्य उत्पाद काश्तकार अपने खेतों अथवा बगीचों में उगाते तो हैं लेकिन उन्हें बाज़ार नहीं मिल पाता या उस उत्पाद का उतना प्रचार -प्रसार नहीं हो पाता जितना होना चाहिए ।

हर्षिल तो वैसे ही विश्व पर्यटन मानचित्र पर अंकित है वहीं यहां का विल्सन एप्पल एक जमाने में देश -दुनिया तक मशहूर रहा है । विल्सन कि मृत्यु के बाद यहां के विल्सन सेब भी धीरे-धीरे पेड़ों के पुराने हो जाने के कारण समाप्ति के कगार पर हैं । लेकिन इस बीच स्थानीय सेब के उत्पादकों ने सेब की नयी पौध को यहां लाकर रोपित किया जो अब अच्छे सेब के फल देने को तैयार हैं। लेकिन यहां के सेब को नई पहचान की दरकार थी जिसे देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर्षिल एप्पल फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

हर्षिल में आयोजित दो दिवसीय सेब महोत्सव का उद्घाटन गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने किया। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि यह महोत्सव पहली बार हो रहा है और इसे हर वर्ष भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय काश्तकारों से इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

जिला प्रशासन उत्तरकाशी की ओर से आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय काश्तकारों ने 16 प्रजातियों के सेबों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें रेड गोल्डन, राइमर, फनी, जोनाथन, जीबी 2, जीबी 3, जीबी 4, रेड डेलीसस, रॉयल डेलीसस, ब्लैक रॉयल, सुपर रॉयल, पिंक लेडी आदि किस्मों से पर्यटकों को रुबरू कराया।

प्रदर्शनी का निरीक्षण करने के दौरान विधायक गोपाल रावत ने कहा कि हर्षिल घाटी को फलपट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि किस तरह से काश्तकारों की खाली भूमि को उद्यानीकरण में लाया जा सकता है। इस अवसर पर सेब से बने प्रोडक्ट केक, बिस्किट, चॉकलेट, जूस, चटनी आदि उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। सेब से निर्मित एप्पल केक को काटकर विधायक ने सभी काश्तकारों व महोत्सव में आए पर्यटकों को वितरित किया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि एप्पल फेस्टिवल के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हर्षिल घाटी के सेब का प्रचार-प्रसार करना तथा हर्षिल को पर्यटन स्थल के रुप में प्रचारित करना है। महोत्सव में हर्षिल घाटी तक विल्सन से जुड़ी यादों की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही उद्यान, कृषि विभाग ने भी अपनी योजनाओं को लेकर प्रदर्शनी लगाई।

फेस्टिवल में कथक श्रीवर्णा रावत, आर्किटेक्ट और बांसुरी वादक केसी कुडिय़ाल, और बगोरी गांव की जाट समुदाय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा महोत्सव में स्थानीय वेशभूषा, रासौ नृत्य, बच्चों की वेशभूषा की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत आर्य, उपजिलाधिकारी देवेंद्र नेगी, युवा कल्याण अधिकारी विजयप्रताप भंडारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, माधवेंद्र रावत, गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, मनोज ठाकुर आदि मौजूद थे।

हर्षिल में आयोजित एप्पल फेस्टिवल के दौरान ग्राम पंचायत बगोरी प्रधान भवान ङ्क्षसह राणा, को स्वच्छता, लोकगायक रजनीकांत को लोकगायिकी और शिवराज पंवार को जीवन रक्षा के क्षेत्र में बुढ़ेरा सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान व बुढ़ेरा समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने संय़ुक्त रूप से दिया।

वहीं झाला में उद्यान विभाग की ओर से बनाया गया कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू हो गया है। गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने कोल्ड स्टोर का लोकार्पण किया। इस मौके पर कोल्ड स्टोर में स्थानीय काश्तकारों ने 24 हजार सेब की पेटियां रखी। गोपाल रावत ने कहा कि यह कोल्ड स्टोर हर्षिल घाटी के किसानों के लिए आर्थिकी बढ़ाने तथा फसलों को सुरक्षित रखने के लिए मुफीद होगा। उन्होंने बताया कि इस कोल्ड स्टोर की क्षमता एक लाख सेब की पेटियों की है। इसलिए काश्तकार अपने उत्पादित सेब को यहां सुरक्षित रख सकते हैं तथा आने वाले समय में जब सेब के दाम अच्छे मिलें, तब वह इन्हें बेच सकते हैं।





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