मंगलवार यानी 2 अक्टूबर को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है. महात्मा गांधी से जुड़ी कई बातें आप जानते ही होंगे, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि भारतीय मुद्रा पर महात्मा गांधी जी की तस्वीर क्यों छपी होती है और उनकी यह फोटो कहां से ली गई है. इस सवाल का जवाब आज हम आपको बताते हैं.

भारतीय रुपया 1957 तक 16 आनों में रहा. इसके बाद मुद्रा की दशमलव प्रणाली अपनाई गई और एक रुपए का निर्माण 100 पैसों में किया गया. किंग जॉर्ज की फोटो वाला नोट 1949 तक चलन में था. इसके बाद अशोक स्तंभ वाला नोट आया था. महात्मा गांधी वाले कागजी नोटों की शुरुआत 1996 से शुरू हुई, जो अब तक चलन में है.

यह तस्वीर उस समय खींची गई, जब गांधी जी ने तत्कालीन बर्मा (म्यांमार) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में मुलाकात की थी. इसी तस्वीर से गांधीजी का चेहरा पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया.

आज हम भारतीय नोटों पर गांधी जी का चित्र देख रहे हैं, जबकि इससे पहले नोटों पर अशोक स्तंभ अंकित हुआ करता था. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1996 में नोटों में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया. इसके अनुसार अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो और अशोक स्तंभ की फोटो नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर अंकित कर दी गई.

5 रुपए से लेकर 1 हजार तक के नोट में गांधी जी की फोटो दिखाई देती है. इससे पहले 1987 में जब पहली बार 500 का नोट चलन में आया तो उसमें गांधी जी का वॉटरमार्क यूज किया गया था. 1996 के बाद हरेक नोट में गांधीजी का चित्र अंकित हो गया.

दरअसल, महात्मा गांधी जी को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में माना जाता है. गांधी जी उस वक्त राष्ट्र का चेहरा थे, इसलिए उनके नाम पर फैसला लिया गया. अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर क्षेत्रीय विवाद हो सकता था. लेकिन इस सवाल को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

इसके साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेतली ने भी लोकसभा में इस बात का जवाब देते हुए कहा था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पैनल ने गांधी के स्थान पर किसी और राष्ट्रीय नेता की तस्वीर नहीं छापने का फैसला किया है, क्योंकि कोई और व्यक्ति महात्मा गांधी जी की तरह देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है.

 





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