• मुख्य सचिव का भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख़, कहा NO TOLERANCE
  • कर्मचारियों की कमी को राज्य में किया जाएगा पूरा
  • इंवेस्टर्स समिट से युवाओं को रोजगार के कई अवसर मिलेंगे
  • पहाड़ी जिलों में पलायन की समस्या काफी हद तक होगी खत्म
  • दो आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए चेतावानी

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून  : एनएच-74 घोटाले में दो आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई होने के बाद सूबे के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि चाहे कोई भी अधिकारी हो अगर वो दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एनएच-74 घोटाले को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक चैनल के साथ विशेष बातचीत में कहा कि इस मामले में जिस तरह दो आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है वो अन्य अधिकारियों के लिए चेतावानी होगी, जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस तरह के कार्यों या फिर घोटाले में लिप्त होंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने शुरुआत में ही अपनी मंशा साफ कर दी थी कि प्रदेश में किसी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की काफी कमी है। इस पर बात करते हुए सीएस ने कहा कि सरकार और शासन दोनों स्तर पर इस पर कार्य किया जा रहा है। जिन विभाग में कर्मचारियों की कमी है उसकी सूचना लोक सेवा आयोग को भेजी गई।जिस पर लोक सेवा आयोग काम कर रहा है।

मुख्य सचिव ने बताया कि इंवेस्टर्स समिट कार्यक्रम में देश-विदेश की कई नामी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इसके के साथ ही सिंगापुर सरकार के मंत्री भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।मुख्य सचिव की मानें तो इससे न सिर्फ प्रदेश का विकास होगा बल्कि यहां युवाओं को रोजगार के कई अवसर भी मिलेंगे। सबसे बड़ी बात ये कि इससे पहाड़ी जिलों में पलायन की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी।

सीएस ने कहा कि देश के तमाम बड़े औद्योगिक घराने उत्तराखंड में निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं। इस इवेस्टर्स समिट में उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, आदित्य बिरला और बाबा रामदेव समेत देश की कई बड़ी शख्सियत भी शामिल होंगी।

उत्तराखंड के विकास में सबसे बड़ी रुकावट प्रदेश की भोगौलिक स्थिति है। मॉनसून और सर्दियों के मौसम में पहाड़ी जिलों में सड़कों की स्थिति काफी खराब हो जाती है। ऐसे में यहां इस इंवेस्टर्स समिट के जरिए आने वाले निवेशक को पहाड़ों पर कैसे पहुंचाया जाएगा? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिये बड़े स्तर पर ऑल वेदर रोड का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत माला रोड के जरिए बॉर्डर क्षेत्र के गांवों को भी जोड़ा जा रहा है जिससे इन क्षेत्रों में यातायात के सुगम साधन हो सकें. ऐसे में निवेशक पहाड़ी जिलों में आसानी से पहुंच सकते हैं। इन सड़कों का फायदा गढ़वाल और कुमाऊं दोनों रीजन को होगा।

वहीं, पहाड़ी जिलों को मोटर मार्ग के साथ रेल यातायात और हवाई मार्ग से भी जोड़ने की तैयारी का जा रही है। इसके लिए देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच हवाई यात्रा का मंजूरी दी गई है ताकि निवेशक इन क्षेत्रों में आसानी से पहुंच सकें। उत्पल कुमार ने बताया कि इस इन्वेस्टर्स समिट का प्रमुख उद्देश्य पलायन को रोकना है। ताकि यहां के युवाओं को अपने घर पर ही रोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी, विकास के नए आयाम खुलेंगे और प्रदेश विकास पथ पर अग्रसर होगा।

The post घोटाले में लिप्त किसी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्य सचिव appeared first on Dev Bhoomi Media.





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