हरिद्वार : प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। गंगा की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी है। मातृ सदन आश्रम में एक और संत आ गए हैं जो ऋषिकेश में पिछले 110 दिनों से गंगा के लिए अनशन पर बैठे थे. उन्होने ये दावा किया है अब उन्होंने मातृ सदन आश्रम में अनशन शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी ओर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने भी 20 अक्टूबर से अनशन करने का एलान कर दिया है।

स्वामी सानंद की मौत के बाद देशभर में कोहराम मच गया है और इस सब के बीच उनके समर्थन में एक और संत आ गए है, जिनका नाम है संत गोपालानंद जो गंगा रक्षा के लिए पिछले 110 दिनों से अनशन कर रहे हैं। ऋषिकेश में गोपालानंद का कहना है कि स्वामी सानंद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. जल पुरुष राजेंद्र सिंह उन्हें मातृ सदन आश्रम ले आये और मातृ सदन आश्रम में भी उनका अनशन जारी है। हालांकि गोपालानंद ने राजेन्द्र सिंह और स्वामी शिवानंद सरस्वती के कहने से जल लेना शुरू कर दिया है लेकिन अनशन को जारी रखा है।

वहीं दूसरी और मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती स्वामी सानंद की मौत से आहत हैं. उन्होंने भी 20 अक्टूबर से अनशन करने का ऐलान कर दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने कहा कि पूर्व की घोषणा के अनुसार उन्होंने नवरात्र के अनुष्ठान के बाद अनशन करने की बात कही थी और 20 अक्टूबर को स्वामी सानंद के श्रद्धांजलि सभा के बाद वो भी अनशन शुरू कर देंगे। स्वामी सानंद की मौत के बाद कई पर्यावरणविद और समाजसेवी मातृ सदन आश्रम पहुंच रहे हैं.

वहीं मातृ सदन आश्रम पहुंचे जल पुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी सानंद का गंगा के लिए दिया गया बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. गंगा रक्षा के लिए उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।





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