देहरादून : उत्तराखंड में पहली बार आयोजित होने वाली इंवेस्ट समिट की तैयारियां जहां जोरों पर है, वहीं इंवेस्ट समिट पर पहाड़़ की उन लोगों की नजरें भी लगी है जो इस आशा में है कि इंवेस्ट समिट के बाद उद्योग पहाड़ भी चढ़ेंगे. वहीं एक औऱ बड़ी खास बात ये है कि इस कार्यक्रम का उद्धाटन देश के पीएम मोदी करेंगे.

त्रिवेंद्र सरकार करेगी 33 करोड़ खर्च

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार करीब 33 करोड़ रूपये खर्च कर उद्योगपतियों को उत्तराखंड में इंवेस्ट करने के लिए इंवेस्ट समिट का आयोजन करने जा रही है…जिसका उदेश्य प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग को स्थापित करने का है लेकिन पहाड़ को इस इंवेस्ट समिट से कुछ खास मिलेगा इस बात के दावे किए जा रहे हैं।

कई उद्योग होंगे स्थापित

उद्योग विभाग के निदेशक एससी नौटियाल का कहना कि ये बात सत्य है कि अभी तक उद्योग पहाड़ नहीं चढ़ पाएं लेकिन इस बार सरकार की जो योजना है उसके तहत इंवेस्टरों को पहाड़ों में भी इंवेस्ट करने के प्लान तैयार कर चुकी है. सोलर प्लांट, आर्गिनिक खेती, चाय बगान, मसाले और फूड प्रोसेसिंग को पहाडों में स्थापित किए जाने की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसका फायदा पहाड़ में रह रहे लोगों को मिलेगा।

उद्योग विभाग के निदेशक जहां पहाड़ों में उद्योग स्थापित करने को लेकर पूरे आश्वस्त है. वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना कि सरकार का पूरा फोकस इसी बात पर है कि कैसे पहाड़ों में उद्योगो को स्थापित किया जाए…सीएम का कहना कि यूं तो हर जिले में उद्यौगिक इकाईयों के लिए जगह चिन्हित की गई है, लेकिन सभी जिला अधिकारियों को जिले में चिन्हित जगह के अलावा भी अन्य स्थानों पर जगह तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर इंवेस्ट समिट को सफल बनाने पर जहां सरकार का पूरा ध्यान आकर्षित है वहीं पहाड़ की जनता का ध्यान इवेंस्ट समिट पर कम और समिट के बाद पहाड़ की जनता को क्या मिलपता है इस पर ज्यादा है,लेकिन आने वाले समय में देखना यही होगा कि वास्तव में पहाड़ की जनता का भला इंसवेस्ट समिट से होता है या नहीं।





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