देहरादून : शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है जिससे काफी हद तक प्राइवेट स्कूलों की मनमानी खत्म होगी और अभिभावकों की जेब ढीली भी कम होगी. जी हां शिक्षा विभाग ने NCERT की किताबों के साथ-साथ महंगी रिफ्रेंस बुक खरीदवा रहे प्राइवेट स्कूलों के लिए आदेश जारी किया है…जिसमें कक्षा 1 से 12वीं तक किसी रिफ्रेंस बुक की कीमत 200 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आपको बता दें व्यवस्था अगले शैक्षिक सत्र 2019-20 से लागू हो जाएगी।

तो होगी स्कूल की एनओसी निरस्त

 आपको बता दें इस वर्ष यानी की 2018 में 181 स्कूलों की जांच के बाद महंगी किताबें खरीदवा रहे 92 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक अगले शैक्षिक सत्र में अगर महंगी किताबें खरीदवाई गईं तो स्कूल की राज्यस्तर पर दी जाने वाली एनओसी को निरस्त कर दी जाएगी। राज्य में एनसीईआरटी किताबें लागू करने के फैसले पर हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल को प्राइवेट स्कूलों को रिफ्रेंस बुक लगाने की छूट दे दी थी…लेकिन शर्त थी कि इन रिफ्रेंस बुक की कीमत एनसीईआरटी की किताबों की कीमत से ज्यादा न हो। डीजी के अनुसार एनसीईआरटी ने पहली से 12 वीं कक्षा तक किताबों का मूल्य तय किया है। इससे ज्यादा महंगी किताब खरीदना हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।

अधिकतम दर तय-

01 से  08वीं कक्षा तक प्रति रिफ्रेंस बुक केवल 50 रुपये

09 और 10वीं कक्षा में प्रति रिफ्रेंस बुक केवल 165 रुपये

11 और 12वीं कक्षा के लिए  प्रति रिफ्रेंस बुक 200 रुपये





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