केंद्रीय सूचना आयोग से बीसीसीआई को एक बड़ा झटका लगा है. अब उसकी मनमानी नहीं चलेगी. क्योंकि केंद्रीय सूचना आयोग ने सोमवार को बीसीसीआई को सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के दायरे में शामिल करने का आदेश है.

अब बीसीसीआई देश की जनता के प्रति जबावदेह होगा. बता दें कि आरटीआई अधिनियम के तहत बीसीसीआई को आरटीआई ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदनों को स्वीकार करना होगा और 15 दिन के भीतर आवेदकों को जवाब देना होगा.

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू ने 37 पन्ने के आदेश में कहा- ‘सुप्रीम कोर्ट ने भी फिर से पुष्टि कर दी कि बीसीसीआई देश में क्रिकेट प्रतियोगिताओं को आयोजित करने के लिए ‘स्वीकृत’ राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसके पास इसका लगभग एकाधिपत्य है.

बता दें बीसीसीआई अब तक खुद को प्राइवेट संस्था बताकर कई तरह के सवालों के जवाब देने से हमेशा बचती रही है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब बीसीसीआई को हार सवाल का जवाब देना होगा.





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