नागपुर : यूपी एटीएस और मिलिट्री इंटेलीजेंस ने हनीट्रैप के मामले में नागपुर से डीआरडीओ के सीनियर इंजीनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। जो की उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला है। उसे आज नागपुर की सत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उसे तीन दिनों की ट्रांजिंट रिमांड पर यूपी एटीएस को सौंप दिया है। उसे सोमवार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था।

अगर वह दोषी पाया जाता है तो मैं उस चीज को झूठ नहीं मानूंगा-पिता

नागपुर पहुंचे निशांत के पिता से जब मीडिया ने पूछा कि क्या वे निशांत को दोषी मानते हैं तो उन्होंने कहा कि जो कोर्ट का फैसला है, मैं उसके साथ हू, लेकिन मुझे भरोसा है कि मेरा बेटा दोषी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वह दोषी पाया जाता है तो मैं उस चीज को झूठ नहीं मानूंगा। अगर वो दोषी पाया जाता है तो वह दोषी है। अगर सिस्टम साबित करता है कि वह दोषी है तो वह दोषी है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता कि मेरा बेटा दोषी है।

अन्य खुफिया जानकारियां पाकिस्तान और अमेरिका को पहुंचाने का आरोप

गौर हो कि इंजीनियर पर आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट में काम करते हुए मिसाइल से संबंधी तकनीकी और अन्य खुफिया जानकारियां पाकिस्तान और अमेरिका को पहुंचाई हैं। निशांत अग्रवाल नाम का यह शख्स ब्रह्मोस की नागपुर यूनिट में काम करता था। एटीएस फिलहाल इस शख्स से पूछताछ कर रही है और इसके बारे में और जानकारियां जुटा रही थी। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि इससे पहले उसने कौन-कौन सी सूचनाएं दुश्मन देश पाकिस्तान और अमेरिका तक पहुंचाई हैं।





See More

 
Top