छत्तीसगढ़ के जंगलों में जवानों के खिलाफ नक्सली अब नई साजिश रच रहे हैं. सुरक्षाबलों को भ्रमजाल में फंसाने के लिए वे बंदूकवाले पुतले खड़े कर रहे हैं. दरअसल, सुरक्षा बलों के लगातार ऐक्शन से नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं. आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस भारतीय जवान जंगलों में चुनौती बन चुके नक्सलियों पर करारी चोट कर रहे हैं. ऐसे में अब फोर्सेज को भ्रमित करने और खलबली पैदा करने के लिए नक्सली नई रणनीति अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. सुकमा जिले में नकली लकड़ी के हथियार लिए तीन नक्सलियों के पुतले बरामद होने के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) को नक्सलियों के नापाक मंसूबों का पता चला.

दरअसल, CRPF की 150वीं बटैलियन गुरुवार को चिंतागुफा की तरफ बढ़ रही थी. जंगल के रास्ते में उन्हें नक्सलियों की हरकत का आभास हुआ. पोजिशन लेते हुए जवानों ने इलाके को घेर लिया. कुछ देर तक सघन जांच के बाद पता चला कि ये नक्सली नहीं बल्कि उनके द्वारा खड़े किए गए पुतले थे. सुकमा में नक्सलियों के पुतले को लकड़ी की नकली बंदूकें थमाई गई थीं, जिससे सुरक्षाबलों को चकमा दिया जा सके. एक पुतले के पास से IED भी बरामद हुआ, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया.

नक्सलियों की इस साजिश की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें लकड़ी की बंदूकें दिखाई दे रही हैं. पुतलों को पैंट-शर्ट पहनाकर पेड़ के पीछे कुछ इस तरह से खड़ा किया गया था, जिससे जवानों को लगे कि ये सच में नक्सली हैं. इसके जरिए नक्सलियों की मंशा फायरिंग की स्थिति में जवानों की लोकेशन ट्रेस करने और आसानी से खलबली पैदा करने की हो सकती है.

CRPF की 150वीं बटैलियन के कमांडेंट डी सिंह ने कहा, ‘हम पहली बार इन्हें नक्सल मान बैठे और इलाके को घेर लिया. बाद में ऐहतियात बरतते हुए डमीज को बरामद किया गया. एक IED भी मिला, जिसे नष्ट कर दिया गया.’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि फोर्सेज को भ्रमित करने के लिए नक्सलियों की नई रणनीति हो सकती है.





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