आपके बच्चों के लिए अच्छी खबर है। अब आपके बच्चों के स्कूल बैग का वजन उनके क्लास के हिसाब से होगा। स्कूल वाले मनमानी किताबें लगा कर आपके बच्चों के स्कूल बैग का वजन नहीं बढ़ा पाएंगे। यही नहीं अब निश्चित क्लास में होमवर्क भी नहीं दिया जा सकेगा। इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से आदेश जारी हो गए हैं।

मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से इस संबंध में 20 तारीख को सभी राज्यों को आदेश जारी हुआ है। ये आदेश अब उत्तराखंड शिक्षा विभाग को मिल चुका है। इस आदेश में क्लास 1 से लेकर क्लास 10 तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन निर्धारित कर दिया गया है। क्लास 1 और 2 के बच्चों के स्कूल बैग का वजन डेढ़ किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं क्लास 3 से 5 तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन अधिकतम 3 किलो तक हो ही सकता है। क्लास 6 और 7 के बच्चों का स्कूल बैग 4 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं क्लास 8 और 9 के बच्चों का स्कूल बैग साढ़े चार किलो से अधिक नहीं हो सकता जबकि क्लास 10 के बच्चों के स्कूल बैग का वजन 5 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए।

मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से जारी इस आदेश का मुख्य मकसद प्राइवेट स्कूलों में जबरन लगाई जाने वाली प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों पर लगाम लगाना है। मानव संसाधन मंत्रालय ने अपने इस पत्र में स्पष्ट किया है कि क्लास 1 और 2 के बच्चों को स्कूल वाले लैंग्वेज और मैथ्य के अलावा कोई अन्य विषय पढ़ने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। क्लास 3 से 5 तक बच्चों को ईवीएस जैसे सब्जेक्ट पढ़ाने की अनुमति होगी लेकिन एनसीआरटी के नियमों के तहत।

खास ये भी है कि क्लास 1 और 2 के बच्चों को होमवर्क दिए जाने पर भी मंत्रालय ने रोक लगा दी है। इस पत्र में इसका भी उल्लेख है।





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