चाहे इसे मेरा घमंड समझ लो या उम्र की आदत!

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : उत्तराखंड भाजपा में कई सीटों पर हार को लेकर समीक्षा जारी है।  तो इधर अब कोटद्वार सीट पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने पार्टी के टिकट बंटवारे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं और सवाल उठाना भी लाजमी भी है और सवाल उठाना बनता भी है । उन्होंने कहा मेरी आदत नहीं …..अब चाहे इसे मेरा घमंड समझ लो या उम्र की आदत…इतनी बुरी स्थिति नहीं  कि मंत्री और विधायक रहकर टिकट के लिए गिड़गिड़ाऊं….!

ये बयान उत्तराखंड सरकार के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह का है।  हरक सिंह रावत निकाय चुनाव में कोटद्वार नगर निगम सीट पर हार से नाराज हैं।  डॉ. हरक सिंह रावत कोटद्वार से ही विधायक हैं  लिहाजा उनका मानना है कि कोर कमेटी के सदस्य समेत कोटद्वार का प्रभारी भी होने के बावजूद उनसे टिकट के लिए नहीं पूछा गया और उनसे ऐसा पूछा जाता तो 100 प्रतिशत भाजपा की ही कोटद्वार में जीत होती और दुनिया की कोई ताकत भाजपा प्रत्याशी को नहीं हरा पाती। 

आपको बता दें कि उत्तराखंड भाजपा ने लैंसडौन से भाजपा विधायक दिलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को टिकट दिया था। जो मेयर सीट पर हुए चुनाव में पड़े मतों के हिसाब से तीसरे नंबर पर रहीं। भाजपा की इस करारी हार के बाद डॉ. हरक सिंह रावत ने संगठन को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वो मंत्री है और उनकी इतनी बुरी स्थिति नहीं कि अब वे टिकट के लिए गिड़गिड़ाए। डॉ. हरक सिंह रावत के इस बयान के बाद भाजपा में अंदरूनी हंगामा तय है और भाजपा को इस पर जवाब देना भी मुश्किल होगा। 

भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं होने की बात तो पहले ही समझ आ रही थी लेकिन अब डॉ.हरक सिंह का ये बयान निकाय चुनाव में अंदरूनी खींचतान को खुले रूप से जाहिर करने लगा है। देखना होगा कि नेताओं की नाराजगी को दूर करने समेत आरोपो का जवाब देने के लिए भाजपा के आला नेता क्या रुख अपनाते हैं। 





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